
मुंबई: शिवसेना यूबीटी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अजित पवार की मौत पर बड़ा बयान दिया है। संसद के बजट सत्र में शामिल होने दिल्ली पहुंचे राउत ने कहा कि अजित पवार के प्लेन क्रैश पर सवाल उठना स्वाभाविक है और उठने ही चाहिए। उन्होंने इसे जस्टिस लोया केस की याद दिलाने वाला बताया और कहा कि इस मामले में कुछ गड़बड़ है।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि अजित पवार एनसीपी के विलय यानी ‘घर लौटने’ की इच्छा रखते थे, लेकिन उन्हें सिंचाई घोटाले की फाइलों को लेकर दबाव और धमकी मिली। इसके केवल 10 दिन बाद ही उनकी मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई। राउत ने कहा, “यह सवाल अजित दादा की पार्टी उठा रही है। पर्दे के पीछे कुछ तो हुआ है।”
उन्होंने एनसीपी के नेता अमोल मिटकरी के बयान का भी उल्लेख किया। मिटकरी ने कहा था कि हादसे में छह लोगों की मौत हुई, लेकिन केवल पांच शव मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि टेकऑफ से पहले यात्रियों की सूची डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाती है, तो छठवां व्यक्ति कहां गया? पायलटों में इतनी बार बदलाव क्यों हुआ? मिटकरी ने स्पष्ट किया कि सवाल उठाना अफवाह फैलाना नहीं है।
अजित पवार का निजी चार्टर्ड विमान 28 जनवरी की सुबह 8.44 बजे बारामती में क्रैश हो गया था। हादसे के बाद AAIB और महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी द्वारा जांच की जा रही है। इस दौरान बारामती में एक केस भी दर्ज किया गया। अजित पवार की मृत्यु के चौथे दिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली थी।