
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह से शुरू हो गई है। सोमवार को बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना के सभी पार्षद बीएमसी कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों दलों के पार्षदों की बैठक हुई।
बीजेपी पार्षदों की बैठक में खास उत्साह देखने को मिला। इस बैठक की अध्यक्षता मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित साटम ने की। बैठक के दौरान पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए। इस बार के बीएमसी चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि पार्टी की किसी सामान्य वर्ग की महिला पार्षद को मेयर पद मिलने का अवसर मिल सकता है।
वहीं, शिंदे गुट की शिवसेना भी मेयर पद पर दावेदारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मेयर चुनाव प्रक्रिया के तहत सोमवार को महायुति के तीनों घटक दल—बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी—बीएमसी बिल्डिंग पहुंचे। बैठक के बाद पार्षदों का पंजीकरण कोंकण भवन में पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही सभी दल अपने-अपने समूह नेता का चुनाव करेंगे।
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है और पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर को ग्रुप लीडर बनाया है। मुंबई को इस बार मेयर 6 फरवरी तक मिलने की उम्मीद है। लाॅटरी ड्रॉ के तहत मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए रिजर्व रखा गया है।
बीजेपी ने गणेश खनकर को ग्रुप लीडर चुना है, हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी होना बाकी है। खनकर दहिसर के वार्ड संख्या 7 से जीती हैं। शिंदे गुट की शिवसेना ने पार्षद अमेय घोले को अपना ग्रुप लीडर बनाया है। बीजेपी के पास कुल 89 पार्षद हैं, जबकि शिंदे गुट के पास 29 पार्षद हैं।
227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है। वहीं, अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने मुंबई में अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन संभावना है कि उनके तीनों पार्षद महायुति के साथ जुड़ सकते हैं। इस स्थिति में सत्तापक्ष का आंकड़ा 121 तक पहुंच जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि महायुति में अभी अंदरखाने शक्ति प्रदर्शन की कवायद जारी है।