Monday, February 2

RTI का मज़ाक! BPL कार्ड धारक से मांगे 4 लाख रुपये, मानव अधिकार आयोग ने दी कार्रवाई के निर्देश

जबलपुर (NBT): सूचना के अधिकार (RTI) कानून गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है, लेकिन जबलपुर में इस कानून का गंभीर उल्लंघन सामने आया है। यहां एक बीपीएल (BPL) कार्ड धारक छात्र से सूचना के बदले 4 लाख 8 सौ 50 रुपये की भारी राशि मांगी गई।

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इस मामले की शिकायत लॉ छात्र अमन वंशकार ने राज्य मानव अधिकार आयोग में दर्ज कराई। छात्र ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7(5) के तहत बीपीएल परिवार के सदस्य से आवेदन शुल्क या जानकारी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नगर वृत्त उत्तर संभाग, मानेगांव-पिपरिया डीसी में पदस्थ कर्मचारियों ने जानकारी देने के लिए भारी शुल्क मांग लिया।

राज्य मानव अधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जबलपुर कलेक्टर को न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी संस्थाओं में अभी भी कानून और नियमों का पालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं।

 

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