Saturday, January 31

राहुल गांधी की बीटिंग रिट्रीट से दूरी पर सियासी घमासान, बीजेपी ने सेना और संविधान से नफरत का आरोप लगाया

 

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीटिंग रिट्रीट समारोह 2026 में शामिल न होने को लेकर सियासी विवाद गरमाया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल पर आरोप लगाया है कि वे सेना और संविधान से दूरी बनाए रखते हैं।

 

बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और संवैधानिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय विदेश यात्रा को प्राथमिकता देते हैं। पूनावाला ने दावा किया कि राहुल इससे पहले भी उपराष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के शपथ ग्रहण तथा 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे थे।

 

सेना के प्रति अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

 

पूनावाला ने राहुल गांधी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने सेना के लिए “खून की दलाली” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जो भारतीय सेना के सम्मान के लिए आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि राहुल संविधान की बातें जरूर करते हैं, लेकिन संवैधानिक और सैनिक कार्यक्रमों से लगातार दूरी बनाते रहे हैं।

 

विजय चौक पर भव्य बीटिंग रिट्रीट समारोह

 

गुरुवार की शाम विजय चौक पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ने देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों के साथ कार्यक्रम को यादगार बनाया। इस साल समारोह की खास बात यह रही कि दर्शकों के बैठने वाले सभी स्थानों को भारतीय संगीत वाद्यों के नाम—बांसुरी, तबला, सितार, वीणा, शहनाई, मृदंगम, सरोद और संतूर—से नामित किया गया।

 

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मौजूदगी

 

कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह स्थल पर किया।

 

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में वरिष्ठ अधिकारी और आम लोग भी शामिल हुए, जिसने कार्यक्रम को और भी भव्य और देशभक्ति से ओत-प्रोत बना दिया।

 

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