Friday, January 30

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को बनाना चाहते हैं डिप्टी CM, बारामती से बेटे को चुनाव लड़ाने की मांग

पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अचानक विमान दुर्घटना में मौत के बाद एनसीपी के भीतर राजनीतिक शून्य को भरने की कवायद तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार से राज्य की सक्रिय राजनीति में लौटने और पार्टी की कमान संभालने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्हें महायुति सरकार में शामिल कर उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना पर भी चर्चा हुई।

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गुरुवार को पुणे स्थित सुनेत्रा पवार के आवास पर एनसीपी के शीर्ष नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धांजलि दी और सुनेत्रा पवार की आगे की राजनीतिक भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जमीनी कार्यकर्ता चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार ही अजित पवार की जगह लें। उनका मानना है कि सुनेत्रा पवार न केवल राजनीतिक परिवार से आती हैं, बल्कि पार्टी को एकजुट रखने और नए नेताओं को दिशा देने में सक्षम हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता नरीमन जिरवाल ने भी इस कदम का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही मुंबई में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें विधानसभा दल के नए नेता का चयन किया जाएगा।

इसी बीच, अजित पवार के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह भी मांग जोर पकड़ रही है कि उनके किसी बेटेपार्थ या जय पवार को बारामती उपचुनाव में उतारा जाए। अजित पवार पहले ही संकेत दे चुके थे कि भविष्य में बारामती में नेतृत्व की जिम्मेदारी जय पवार को सौंपना चाहते हैं। वहीं, बड़े बेटे पार्थ पवार 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि एनसीपी की पहचान पवार परिवार से गहराई से जुड़ी हुई है। अब तक पार्टी की राजनीति शरद पवार, अजित पवार और सुप्रिया सुले के इर्द-गिर्द घूमती रही है। अजित पवार के अचानक चले जाने के बाद कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मानते हैं कि उनकी जगह सिर्फ सुनेत्रा पवार ही ले सकती हैं। हालांकि, कुछ वरिष्ठ नेता अभी सतर्क हैं और देख रहे हैं कि क्या शरद पवार और सुप्रिया सुले के नेतृत्व वाला दूसरा गुट फिर से एकजुट होने की दिशा में कदम बढ़ाता है या नहीं।

 

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