
मुंबई: उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में असमय मौत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार से राज्य की सक्रिय राजनीति में लौटने और उपमुख्यमंत्री पद संभालने का आग्रह किया है। वहीं, पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी प्रफुल्ल पटेल को सौंपने की भी चर्चा हो रही है।
एनसीपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, मंत्री छगन भुजबल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे। उन्होंने सुनेत्रा पवार से पार्टी के भविष्य और सरकार में भागीदारी पर गंभीर विचार-विमर्श किया। हालांकि, इस दौरान सुनेत्रा पवार ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया।
सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी के बड़े नेता चाहते हैं कि उपमुख्यमंत्री का पद सुनेत्रा पवार संभालें, जबकि एनसीपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी प्रफुल पटेल को दी जाए। एनसीपी के मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि जनता चाहती है कि सुनेत्रा पवार को मंत्रालय में लाया जाए, लेकिन अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वर्तमान में सुनेत्रा पवार बारामती में ही हैं और अंतिम संस्कार प्रक्रिया के लिए 12 दिनों तक यहीं रहने वाली हैं। अजित पवार के निधन के बाद बारामती विधानसभा सीट खाली हो गई है। एनसीपी नेताओं के सामने यह भी निर्णय का सवाल है कि बारामती उपचुनाव में पार्थ पवार या सुनेत्रा पवार में से किसे मैदान में उतारा जाए।
अजित पवार के पास उपमुख्यमंत्री रहते हुए वित्त, नियोजन और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। एनसीपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी इन विभागों को एनसीपी कोटे के मंत्रियों को सौंपने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र लिख सकती है। महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी के पास कुल 41 विधायक हैं। राज्यसभा में पार्टी के सदस्य सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और एक अन्य सदस्य हैं।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी की स्थिरता बनाए रखना और सुनेत्रा पवार के फैसले के बाद ही बारामती उपचुनाव और पार्टी के विलय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।