
नई दिल्ली: सोना-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखी गई। भारत समेत दुनिया भर में दोनों कीमती धातुओं के भाव गिर गए। लेकिन अगर पिछले कुछ समय की तेजी की बात करें, तो चांदी ने जोरदार उछाल दिखाया है। गुरुवार को चांदी की कीमत प्रति किलो 4 लाख रुपये के पार पहुंच गई थी।
सबसे महंगी चांदी चीन में:
भारत या अमेरिका में नहीं, बल्कि चीन में चांदी सबसे ज्यादा महंगी है। गुरुवार को वैश्विक बाजार में चांदी लगभग 109 डॉलर प्रति औंस पर बिक रही थी, जबकि चीन में यह बढ़कर करीब 125 डॉलर प्रति औंस हो गई।
यानी चीन और बाकी दुनिया में औंस के हिसाब से लगभग 16 डॉलर (करीब 1,471 रुपये) का अंतर है।
एक किलोग्राम चांदी में करीब 35 औंस होते हैं, जिससे एक किलोग्राम पर चीन में चांदी लगभग 51,000 रुपये महंगी है।
चीन में चांदी महंगी होने के कारण:
- चीन में चांदी की भारी मांग है; देश दुनिया की कुल चांदी की आपूर्ति का 65% से अधिक हिस्सा इस्तेमाल करता है।
- चीन में चांदी का उपयोग केवल गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पॉट और फ्यूचर्स मार्केट में भी इसे खूब खरीदा-बेचा जाता है।
- जनवरी 2026 से चीन की नई चांदी निर्यात नीति लागू हुई है। अब केवल सरकारी लाइसेंस वाली कंपनियां ही चांदी का निर्यात कर सकती हैं, जिससे आपूर्ति कम और कीमतें बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को कीमतों में गिरावट:
MCX पर फरवरी 2026 डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध 10,000 रुपये (6%) गिरकर 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 24,000 रुपये तक गिरकर 3,75,900 रुपये प्रति किलो रह गई। इस गिरावट का कारण निवेशकों की मुनाफावसूली बताया गया।