
जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों नीतिगत चर्चाओं के बजाय विवादित बयानों और तीखी नोकझोंक के लिए सुर्खियों में है। गुरुवार को सदन में ऐसा ही एक विवाद उत्पन्न हुआ, जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक राजेंद्र पारीक ने सत्तापक्ष के लिए विवादित शब्दों का प्रयोग किया।
‘इनको चुन्ने काट रहे हैं, सीट साफ करवाओ’
मामला तब शुरू हुआ जब बूंदी से कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा सदन में अपनी बात रख रहे थे। उनके भाषण के दौरान भाजपा के कई विधायक बार-बार खड़े होकर टोका-टाकी कर रहे थे। इस पर सीकर से वरिष्ठ कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक आपा खो बैठे और स्पीकर की ओर मुखातिब होते हुए कहा, “अध्यक्ष महोदय, इनकी सीटें साफ करवाओ। इनको चुन्ने काट रहे हैं। यह बीमारी का घर है। ये लोग हर दो मिनट में खड़े हो जाते हैं।”
सदन में मचा हड़कंप
‘चुन्ने काटने’ जैसे ग्रामीण मुहावरे का प्रयोग सुनते ही भाजपा विधायक भड़क गए। उन्होंने इसे असंसदीय शब्दावली बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया। सदन में शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई। भाजपा के वरिष्ठ सदस्यों ने मांग की कि इस बयान को सदन की कार्यवाही से तुरंत हटाया जाए और राजेंद्र पारीक माफी मांगें।
सदन की गरिमा पर उठे सवाल
राजस्थान विधानसभा में भाषा की मर्यादा पर यह पहली बार नहीं है कि विवाद उत्पन्न हुआ हो। हालांकि राजेंद्र पारीक ने तर्क दिया कि वे केवल भाजपा विधायकों की बार-बार की टोका-टाकी से परेशान थे। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि विधानसभा जैसे पवित्र स्थान पर इस तरह की भाषा का प्रयोग लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
इस घटना ने बजट सत्र में सदन की गरिमा और विधायी कार्यवाही पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।