
झारखंड और बिहार की पुलिस प्रतिबंधित माओवादी संगठन (सीपीआई–माओवादी) के खतरनाक कमांडर ठेगन मियां की तलाश में जुटी हुई है। पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के घंघरी का रहने वाला ठेगन मियां ऑटोमेटिक हथियारों से लैस है और कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा है। वह 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी नितेश यादव के दस्ते में कमांडर है।
पलामू पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, ठेगन मियां पर जिले में आधा दर्जन से अधिक नक्सली हमलों को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है और ठेगन मियां के खिलाफ इनाम घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि पुलिस लगातार नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही है। ठेगन मियां सन 2018 से सक्रिय है और पहली बार उसका नाम महूदंड रोड पर हुई आगजनी की घटना के बाद सामने आया था। वह कई मुठभेड़ों में भी शामिल रहा है। साल 2025 में हुई मुठभेड़ में एरिया कमांडर तुलसी भुईयां मारा गया था, जिसमें ठेगन मियां भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार, ठेगन मियां खतरनाक और रणनीतिक वारदातों में माहिर है। उसके खिलाफ इनाम घोषित होने से नागरिकों और आम लोगों से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जिससे गिरफ्तारी में मदद मिलेगी।
इसी बीच, चाईबासा पुलिस ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन के दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तकनीकी दस्ते के सदस्य शंभु यादव, जो 2018 से फरार है, की भी तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि लगातार अभियान और सख्त कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और जल्द ही ठेगन मियां समेत अन्य माओवादी पकड़े जाएंगे।