
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विदेश दौरे से लौट आए हैं और उनके साथ राज्य में कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं में तेजी आ गई है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और लंदन में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद हेमंत सोरेन ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर झारखंड की उपस्थिति से विकास और निवेश के नए द्वार खुलेंगे।
मुख्यमंत्री की वापसी के साथ ही राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कोल्हान और संताल परगना से एक-एक विधायक को मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। यह कदम आगामी चुनावों से पहले क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण साधने के लिए माना जा रहा है।
हेमंत सोरेन ने अपनी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दावोस और लंदन में झारखंड की समृद्ध विरासत और निवेश की अपार संभावनाओं को वैश्विक मंच पर पेश किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि दुनिया ने अब युवा झारखंड की क्षमता को पहचाना है। इसके साथ ही सीएम ने जल, जंगल, जमीन और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेशी धरती पर हेमंत ने जयपाल सिंह मुंडा, महात्मा गांधी और बाबा साहब अंबेडकर जैसी विभूतियों के विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव झारखंड के जनमानस के लिए काम करने में मददगार साबित होंगे। अब सरकार का ध्यान पुरखों के सपनों को साकार करने और झारखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर केंद्रित है।