
जोधपुर: पश्चिमी राजस्थान की चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से संत समाज और अनुयायियों में शोक की लहर फैल गई। बताया जा रहा है कि साध्वी ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जिसे लेकर चर्चा बनी रही।
परिवार और साध्वी जीवन:
साध्वी प्रेम बाईसा का परिवार मूल रूप से बाड़मेर जिले के परेऊ गांव का निवासी था। वे लंबे समय से संत परंपरा से जुड़ी हुई थीं और पश्चिमी राजस्थान में कथावाचन के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार करती थीं। संत समाज में उनका नाम जाना-पहचाना था।
आरोपों के बाद अग्निपरीक्षा का प्रस्ताव:
पिछले साल वायरल वीडियो और विवादों के बाद साध्वी ने सार्वजनिक रूप से अग्निपरीक्षा देने की बात कही थी। उन्होंने संत समाज से अपील की थी कि अग्निपरीक्षा के लिए स्थान और तारीख तय की जाए। उनका कहना था कि वह स्वयं को निर्दोष साबित करेंगी और दिखाएंगी कि सनातन धर्म में कितनी शक्ति है। साध्वी ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ रची गई साजिश का पर्दाफाश होगा।
वायरल वीडियो और विवाद:
पिछले वर्ष सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें साध्वी को एक भगवाधारी बाबा के साथ गले मिलते हुए देखा गया। साध्वी ने स्पष्ट किया कि यह एक पारिवारिक और भावुक क्षण था, जिसमें पिता-पुत्री का प्रेम दिखाया गया। वीडियो को जानबूझकर गलत संदर्भ में फैलाया गया।
ब्लैकमेलिंग का आरोप:
साध्वी प्रेम बाईसा ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी। जब उन्होंने इनकार किया, तो आरोपियों ने वीडियो को उनके परिचितों और आश्रम से जुड़े लोगों को भेजकर वायरल कर दिया। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।
साध्वी प्रेम बाईसा का निधन संत समाज के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उनके अनुयायी और परिवारजन इस समय गहरे शोक में हैं।