
पटना, 29 जनवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना में अब कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो शहर की दीवारों और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध विज्ञापन लगाकर उन्हें बदरंग कर रहे हैं। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी अंचलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाए और अवैध पोस्टर लगाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
मधुबनी पेंटिंग्स और सांस्कृतिक कला को हो रहा नुकसान
पटना की सड़कों और सार्वजनिक भवनों की दीवारों को मधुबनी पेंटिंग्स और अन्य सांस्कृतिक कलाकृतियों से सजाया गया है, ताकि शहर की सुंदरता बढ़े। लेकिन अनधिकृत पोस्टर और विज्ञापनों के कारण ये कलाकृतियां खराब हो रही हैं। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि डिवाइडरों और सार्वजनिक भवनों पर पोस्टर चिपकाने से शहर की सुंदरता पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत जुर्माना वसूल किया जाएगा।
हाई-वॉइलेशन जोन चिन्हित
नगर निगम के अधिकारियों ने बोरिंग रोड और पटना जंक्शन जैसे इलाकों को ‘हाई-वॉइलेशन जोन’ के रूप में चिन्हित किया है। ये इलाके उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां कोचिंग संस्थानों और निजी फर्मों की ओर से सबसे ज्यादा अवैध विज्ञापन लगाए जाते हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि अब किसी भी कीमत पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम का संदेश
नगर निगम का कहना है कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना प्राथमिकता है। सभी अंचलों के अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। अब पटना में सार्वजनिक संपत्तियों और दीवारों को अवैध पोस्टर से गंदा करने वालों को राहत नहीं मिलेगी।