
चटगांव (ढाका): भारतीय सीमा के पास स्थित बांग्लादेश के चटगांव पोर्ट पर अमेरिकी डिफेंस टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (DTSA) के सीनियर सुरक्षा सलाहकार स्टीवन बैरी जेम्स की बांग्लादेश नौसेना के अधिकारियों के साथ मुलाकात ने सुरक्षा विशेषज्ञों की नजरें खींच ली हैं। यह मुलाकात 27 जनवरी को हुई थी, जिसमें उन्होंने चटगांव नेवी कमांडर रियर एडमिरल एम. मोयनुल हसन से चर्चा की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने बांग्लादेशी नौसेना के भविष्य के ऑपरेशंस, क्षमता और योजनाओं पर जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्हें चटगांव ड्राई डॉक लिमिटेड (CDDL) ले जाया गया, जहां लेफ्टिनेंट कमांडर जाहिद मोहसिन कबीर ने नौसेना के आगामी प्रोजेक्ट्स और संचालन क्षमता पर प्रेजेंटेशन दिया।
DTSA 1980 के दशक में स्थापित एक अमेरिकी एजेंसी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील तकनीक और जानकारी के प्रसार या गलत इस्तेमाल को रोकना है। यह एजेंसी दोहरे इस्तेमाल वाले सामान—जिनमें हथियार और गोला-बारूद शामिल हो सकते हैं—के एक्सपोर्ट लाइसेंस की समीक्षा और मूल्यांकन करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका बांग्लादेश को उन्नत रक्षा तकनीक सौंपने या साझा करने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है।
हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने इस अमेरिकी अधिकारी की यात्रा को सार्वजनिक नहीं किया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, DTSA का यह दौरा तकनीकी और नीतिगत आकलन के तहत किया गया और इसका मकसद रणनीतिक प्रतिस्पर्धियों के टेक्नोलॉजी अधिग्रहण और उसके जोखिमों का विश्लेषण करना भी हो सकता है।
चटगांव पोर्ट की भारतीय सीमा के बेहद करीब स्थिति को देखते हुए, इस मुलाकात ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।