
नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आम जनता के लिए बड़ा ऐलान किया है। 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए नए FASTag जारी करते समय Know Your Vehicle (KYV) प्रक्रिया अब अनिवार्य नहीं रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और टोल प्लाजा पर यात्रा को और आसान बनाना है।
नए बदलाव के मुख्य बिंदु:
- एक्टिवेशन के बाद कोई वेरिफिकेशन नहीं: नए FASTag जारी होने से पहले सारी जांच पूरी कर दी जाएगी। एक बार टैग मिलने के बाद किसी डॉक्यूमेंट या वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी।
- बैंकों की बढ़ी जिम्मेदारी: बैंक सीधे सरकारी वाहन (VAHAN) डेटाबेस से वाहन की जानकारी वेरिफाई करेंगे। इससे ग्राहक को बार-बार RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल कुछ मामलों में ही वेरिफिकेशन के लिए RC का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- सिर्फ गड़बड़ी होने पर होगी जांच: KYV या वेरिफिकेशन केवल उन्हीं मामलों में किया जाएगा जहां टैग गलत वाहन पर लगा हो, ढीला हो या फास्टैग का गलत इस्तेमाल/धोखाधड़ी का शक हो।
पुराने FASTag यूजर्स पर असर:
अगर आपके पास पहले से FASTag है और वह सही काम कर रहा है, तो आपको कोई अतिरिक्त वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं है। टैग में गड़बड़ी पाए जाने तक किसी भी तरह का अनुरोध नहीं किया जाएगा।
कार मालिकों को मिलने वाले फायदे:
- समय की बचत: नया FASTag लेना और चालू करना अब तेज और आसान होगा।
- कागजी कार्रवाई कम: बार-बार डॉक्यूमेंट अपलोड करने का झंझट खत्म।
- ब्लैकलिस्ट होने का डर नहीं: वेरिफिकेशन पेंडिंग होने के कारण टैग बंद या ब्लैकलिस्ट नहीं होंगे।
- टोल पर आसानी: लंबी लाइनों और वेरिफिकेशन विवादों में कमी।
ध्यान देने योग्य बातें:
यह छूट केवल प्राइवेट वाहनों (कार, जीप, वैन) पर लागू होगी। कॉमर्शियल वाहनों जैसे बस और ट्रक को पुराने नियमों का पालन करना होगा। नेशनल हाईवे पर सफर के लिए FASTag अभी भी अनिवार्य है, और बिना बैलेंस या बिना FASTag वाली गाड़ी को टोल पर दोगुना टैक्स देना पड़ सकता है। इसलिए समय पर रिचार्ज करना आवश्यक है।