
केंद्र सरकार ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब दिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोपों को ‘खट्टे अंगूर’ वाली कहानी बताते हुए खारिज किया।
गोयल ने कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए FTA वार्ता को आगे नहीं बढ़ा सके, वे अब आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने इस समझौते को ऐतिहासिक और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद बताया, जिससे भारत में रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे।
कांग्रेस ने चिंता जताई कि इस समझौते से ईयू से आने वाले सामानों पर टैरिफ कम हो जाने से भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है। रमेश ने ऑटोमोबाइल, बौद्धिक संपदा, रिफाइंड फ्यूल एक्सपोर्ट और CBAM जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।
पीयूष गोयल ने इन आलोचनाओं को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि सरकार ने CBAM और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सक्रिय रूप से बातचीत की है। उन्होंने कहा, “मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि हमारी सरकार ने समाधान खोजने के रास्ते पहचाने हैं।”
यह समझौता 2007 में शुरू हुई वार्ता के 18 साल बाद अंतिम रूप दिया गया है। 2013 में अनसुलझे मुद्दों के कारण वार्ता स्थगित हुई थी, लेकिन जून 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया। गोयल ने कहा कि यह FTA 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त GDP और दो अरब लोगों के साझा बाजार को जोड़ने वाला बड़ा अवसर है।