
विदेश दौरे से 12 दिन बाद रांची लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर उजागर किया। उनकी वापसी के साथ ही राज्य में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झामुमो के कोल्हान और संताल परगना से दो विधायकों को मंत्री पद मिलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
विदेश से लौटे हेमंत सोरेन
दावोस में ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ और लंदन में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। रांची एयरपोर्ट पर उनका और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन का भव्य स्वागत किया गया। सोरेन के अनुसार, वैश्विक मंच पर झारखंड की उपस्थिति से विकास के नए द्वार खुलेंगे।
कैबिनेट विस्तार की संभावना
मुख्यमंत्री की वापसी के साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर कैबिनेट में फेरबदल की हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में झामुमो के दो विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है। पार्टी रणनीति के तहत संताल परगना और कोल्हान क्षेत्र से एक-एक विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इससे आगामी चुनावों से पहले क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण मजबूत होंगे।
वैश्विक मंच पर झारखंड की गूंज
मुख्यमंत्री ने दावोस और यूके दौरे के दौरान झारखंड की समृद्ध विरासत और निवेश की अपार संभावनाओं को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब दुनिया ने युवा झारखंड की क्षमता को पहचान लिया है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेशी धरती पर महापुरुषों को नमन
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा, महात्मा गांधी और बाबा साहब अंबेडकर जैसी विभूतियों के विचारों से जुड़ने को अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि लंदन और दावोस के अनुभव राज्य के जनमानस के लिए कार्य करने में मददगार साबित होंगे। अब सरकार का ध्यान पुरखों के सपनों को साकार करने और झारखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर केंद्रित है।