
झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में एक साथ मतदान 23 फरवरी को होगा, जबकि मतगणना और परिणामों की घोषणा 27 फरवरी को की जाएगी।
इस बार राज्य में पहली बार नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू किया गया है। रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, जबकि धनबाद, देवघर और बोकारो में यह पद अनारक्षित रहेगा। पलामू और मानगो में मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।
आचार संहिता लागू होते ही 23 फरवरी तक कई सरकारी और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लग गई है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि:
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सरकार कोई नई योजना या घोषणा नहीं करेगी, हालांकि पहले से चल रही योजनाओं पर काम जारी रहेगा।
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ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक रहेगी; विषम परिस्थितियों में भी चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
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चुनाव प्रचार में सरकारी संसाधनों (वाहन, बंगला, विमान आदि) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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दीवारों पर लिखे राजनीतिक नारे, पोस्टर, बैनर और होर्डिंग हटाए जाएंगे।
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राजनीतिक दलों को रैली, जुलूस या बैठक के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति लेना आवश्यक होगा।
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धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल निषिद्ध रहेगा।
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किसी प्रत्याशी या पार्टी पर निजी या अपमानजनक हमला नहीं किया जा सकेगा।
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उम्मीदवार किसी से भी पैसे की मदद नहीं ले पाएंगे; ऐसा करने पर इसे रिश्वत माना जाएगा।
राज्य में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग की यह सख्त हिदायतें लागू हैं।