Wednesday, January 21

एलन मस्क बनाम सैम ऑल्टमैन: ‘भूलकर भी न करें ChatGPT का इस्तेमाल!’—मस्क ने परिवार के लिए जारी की चेतावनी, ऑल्टमैन के साथ छिड़ी जुबानी जंग

 

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टेक्नोलॉजी की दुनिया में दो दिग्गज—एलन मस्क और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन—एक बार फिर आमने-सामने हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लोगों से कहा कि वे अपने प्रियजनों को ChatGPT का इस्तेमाल न करने दें। मस्क का मानना है कि एआई इंसानों को गलत जानकारी पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर सकता है और इससे कई बार लोगों की जान भी जा सकती है।

 

 

 

मस्क की चेतावनी और चिंता

 

एलन मस्क लंबे समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को परमाणु हथियारों से भी खतरनाक बताते आए हैं। हालिया बयान में उन्होंने कहा कि ChatGPT और इसी तरह के अन्य AI मॉडल्स इस दिशा में बढ़ रहे हैं, जहां उन पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है।

 

मस्क का कहना है कि मुनाफे की दौड़ में AI की सुरक्षा परतें कमजोर की जा रही हैं, और विशेष रूप से बच्चों और परिवार की सुरक्षा को खतरा है। उनके अनुसार, AI टूल्स मानसिक हेरफेर और गलत सूचनाओं के जरिए लोगों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है।

 

 

 

सैम ऑल्टमैन का जवाब

 

सैम ऑल्टमैन ने मस्क के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि OpenAI सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करता है और हर अपडेट से पहले महीनों तक टेस्टिंग की जाती है।

 

ऑल्टमैन ने मस्क पर तंज कसते हुए कहा कि मस्क खुद अपनी AI कंपनी xAI को प्रमोट करने के लिए ChatGPT के खिलाफ डर का माहौल बना रहे हैं। उनके अनुसार, AI मानवता की मदद के लिए है और मस्क के बयान केवल सुर्खियां बटोरने और लोगों को डराने के लिए हैं।

 

 

 

AI सुरक्षा पर विशेषज्ञों की राय

 

विशेषज्ञों के बीच इस विवाद ने दो गुट बना दिए हैं।

 

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क की चिंताएं जायज हैं, क्योंकि AI मॉडल्स में हैलुसिनेशन यानी गलत जानकारी को सच बताने की समस्या अभी भी मौजूद है। बच्चों और कम जानकार लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकता है।

वहीं, अन्य विशेषज्ञ कहते हैं कि टेक्नोलॉजी को पूरी तरह रोकना समाधान नहीं है। इसके लिए बेहतर रेगुलेशन और यूजर एजुकेशन की जरूरत है, ताकि AI का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

 

 

 

NBT का नजरिया

 

मस्क की चेतावनी के बाद सवाल उठ सकता है कि क्या लोगों को ChatGPT या किसी भी AI चैटबॉट का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

 

केवल मस्क के संदेश की बात करें, तो ChatGPT या किसी भी AI का अंधविश्वास के साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खासकर स्वास्थ्य या बच्चों से जुड़े मामलों में।

साथ ही, मस्क की रणनीति लगती है कि उन्होंने केवल ChatGPT को निशाना बनाया है। हाल ही में मस्क ने OpenAI और Microsoft पर भी मुकदमा किया है।

 

इसके अलावा, मस्क का AI चैटबॉट Grok अश्लील सामग्री बनाने के विवाद में भी कई देशों में चर्चा का कारण बन चुका है। ऐसे में मस्क की चेतावनी केवल ChatGPT तक सीमित नहीं रहती।

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