
गोपालगंज/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चौथा दिन गोपालगंज जिले में रहा। इस दौरान उन्होंने 325 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने सात निश्चय योजनाओं का निरीक्षण, कृषि मेले का जायजा और सारण बांध के सुदृढ़ीकरण कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत लालू-राबड़ी राज की स्थिति का ज़िक्र करते हुए की और अंत में भी उसी दौर के हालात का हवाला देते हुए वर्तमान में हुए विकास कार्यों की तुलना की। उन्होंने बताया कि पहले लोग शाम को घर से बाहर नहीं निकलते थे, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी, सड़कें जर्जर थीं और समाज में अशांति का माहौल था।
महिलाओं और शिक्षा में आरक्षण का महत्व
नीतीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप आज बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूह ‘जीविका’ के तहत 11 लाख समूह और 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियों की संख्या बनी।
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए प्रयास
मुख्यमंत्री ने कृषि रोड मैप के तहत योजनाओं का जिक्र किया, जिससे अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन ढाई गुना बढ़ गया और किसानों की आय में सुधार हुआ। चौथे कृषि रोड मैप (2024–2029) के तहत योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
सड़कों और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य में सड़कों, पुलों, रेल ओवरब्रिज, बाईपास और एलिवेटेड रोड का निर्माण कर सुदूर क्षेत्रों से पटना पहुंचने का समय कम किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार हुआ; प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह औसतन 11,600 मरीज आते हैं। मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है और अन्य जिलों में निर्माण जारी है।
रोजगार और शिक्षा के आंकड़े
सीएम ने सरकारी शिक्षकों की बहाली, पोशाक और साइकिल योजना के आंकड़े साझा किए। वर्ष 2023 तक कुल 5 लाख 24 हजार शिक्षक बहाल किए गए।
स्थानीय संवाद और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
नीतीश कुमार ने सभा में सांसदों, विधायकों और मंत्रियों का स्वागत किया। विधायक मंजीत सिंह ने गोपालगंज के बरौली में मेडिकल कॉलेज की मांग रखी, जिसका लोगों ने स्वागत किया।
सीएम ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया और कृषि विभाग, जीविका और अन्य योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से जानकारी ली।
कुल मिलाकर
गोपालगंज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजनाओं के प्रभाव और स्थानीय विकास के ठोस परिणाम दिखाए। प्रशासन ने भी दौरे की तैयारी भव्य तरीके से की, जिससे जनता से सीधे संवाद संभव हो सका।