
जयसलमेर: इंदिरा गांधी नहर परियोजना से समय पर सिंचाई पानी नहीं मिलने से जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को अमर शहीद राजेंद्र सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित महापंचायत में किसानों ने 21 जनवरी तक प्रशासन की कार्रवाई न होने पर 22 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
किसानों की तीन सूत्रीय मांगें
महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने अपनी तीन सूत्रीय मांगों पर चर्चा की। इसके बाद मोहनगढ़ थाना प्रभारी के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
आधा पानी मिलने का आरोप
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि सरकार ने 4 जनवरी से 21 जनवरी तक चार में से दो ग्रुप और 22 जनवरी से 12 मार्च तक तीन में से एक ग्रुप सिंचाई पानी चलाने का रेगुलेशन जारी किया था। जैसलमेर जोन को 2100 क्यूसेक पानी मिलना चाहिए था, लेकिन किसानों को केवल लगभग 50 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध कराया गया।
फसलें सूख रही, पानी चोरी की शिकायत
समय पर पर्याप्त सिंचाई पानी न मिलने से खेतों में खड़ी फसलें, फल और सब्जियां सूखने लगी हैं। किसानों ने कहा कि मुख्य नहर में पानी चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग से पानी चोरी रोकने और नहरों पर पुलिस चौकियां स्थापित करने की मांग की।
डिग्गी अनुदान की राशि नहीं मिली
किसानों ने डिग्गी निर्माण के लिए सरकार द्वारा घोषित 3 लाख रुपये के अनुदान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सेठ-साहूकारों से ब्याज पर पैसा लेकर खेतों में डिग्गियां बनवाई थीं, लेकिन अभी तक किसी को अनुदान नहीं मिला।
धरने की चेतावनी
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि 21 जनवरी तक जैसलमेर जोन का पूरा सिंचाई पानी और क्षतिपूर्ति जल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो 22 जनवरी से जीरो आरडी हेड पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। महापंचायत में कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों किसान मौजूद रहे और आंदोलन को मजबूती देने का संकल्प लिया।