
इंफाल/जयपुर: 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में भाग लेने गई राजस्थान की टीम के साथ मणिपुर में उग्रवादियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि रास्ते में हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर नकदी लूट ली और करीब दो घंटे तक बंधक जैसी स्थिति में रखा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार ने जांच के आदेश जारी किए हैं।
दीमापुर से इंफाल जाते समय रोका गया रास्ता
राजस्थान की टीम 13 जनवरी की रात दीमापुर से इंफाल की ओर सड़क मार्ग से जा रही थी। परिजनों के अनुसार रात करीब 12:30 बजे एक समुदाय से जुड़े उग्रवादियों ने खिलाड़ियों की गाड़ी रोक ली। खिलाड़ियों के पास मौजूद रुपये छीन लिए गए, लेकिन किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
वीडियो जारी कर खिलाड़ियों ने बताई पीड़ा
घटना के बाद टीम के कुछ खिलाड़ियों ने वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की। वीडियो सार्वजनिक होने पर मामला तूल पकड़ गया। परिजनों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री से भी शिकायत की और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल 52 खिलाड़ियों में से केवल 24 के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था हुई थी और वह भी कंफर्म नहीं थी।
कोच ने दी जानकारी
टीम के कोच सोहनराम ने बताया कि किसी खिलाड़ी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं। टीम 11 जनवरी को धौलपुर से रवाना हुई थी। दीमापुर पहुंचने में ट्रेन की देरी हुई, जिसके कारण सड़क मार्ग से इंफाल जाते समय यह घटना हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो में बयान देने वाली खिलाड़ी फ्लाइट से आई थी और उस समय टीम के साथ मौजूद नहीं थी।
मणिपुर सरकार ने जांच के आदेश दिए
वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार ने इंफाल के पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने को कहा गया। आदेश में वीडियो की सत्यता की जांच कर शीघ्र कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। राजस्थान शिक्षा विभाग से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।