
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। यह प्रक्रिया नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में संपन्न हुई। इस मौके पर गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा, और हरदीप पुरी सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद रहे।
नामांकन के दौरान पार्टी में दिखी एकता
नितिन नबीन के नामांकन के अवसर पर योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्य इकाइयों के अध्यक्ष, सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। इस सभा को नेतृत्व परिवर्तन से पहले संगठनात्मक ताकत और एकता का प्रदर्शन माना जा रहा है।
बीजेपी के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ। नामांकन पेपर की जांच शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी। उम्मीदवार अपने नामांकन को शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच वापस ले सकते हैं। यदि नामांकन वापस लेने के बाद भी एक से अधिक वैध उम्मीदवार बचे, तो मतदान 20 जनवरी को होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव – प्रक्रिया और योग्यता
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। पार्टी संविधान के अनुसार, उम्मीदवार के लिए निम्न योग्यता अनिवार्य है:
किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा प्रस्तावित होना।
पार्टी में सक्रिय सदस्य के रूप में कम से कम 4 कार्यकाल पूरे किए हों।
बीजेपी की लगातार 15 साल की सदस्यता हो।
पद की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के पास है। उन्होंने जून 2019 में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाला और जनवरी 2020 में अमित शाह की जगह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए।
निष्कर्ष: नितिन नबीन का नामांकन बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया का पहला और अहम कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इसे पार्टी की संगठनात्मक एकता और मजबूती का प्रतीक भी बनाती है।