
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पुलिस ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग के मामले में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड एक सरकारी शिक्षक है, जो पढ़ाने के बजाय लोगों को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का जाल बुन रहा था।
गिरोह का modus operandi
कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि संजय सोलंकी, निवासी ग्राम कुम्हारखेड़ा, थाना गोगांव, ने अपने साथी गुलाम मोईनउद्दीन माविया के बैंक खातों में वर्ष 2023 से दिसंबर 2024 के बीच लगभग 80 लाख रुपये निवेश कराए। शुरुआत में कुछ लोगों को आंशिक मुनाफा देकर उनका भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन लौटाया गया।
पुलिस ने बताया कि कुल हेराफेरी लगभग 86 लाख रुपए की है। संजय सोलंकी शासकीय माध्यमिक शाला पिपरखेड़ा में शिक्षक के पद पर कार्यरत है।
गिरफ्तार और रिमांड
मुख्य आरोपी गुलाम मोईनउद्दीन, महाराष्ट्र के रायगढ़ का निवासी, पहले भी इसी तरह के फर्जीवाड़े कर चुका है और वर्तमान में जिला जेल इंदौर में बंद है। संजय सोलंकी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया।
रैकेट का दायरा
प्राथमिक पूछताछ में संजय सोलंकी ने खुलासा किया कि उसके माध्यम से लगभग 120 लोग इस फर्जी निवेश योजना से जुड़े थे और करीब 7 करोड़ रुपए गुलाम मोईनउद्दीन के खातों में जमा कराए गए।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे बड़े खुलासे होने की संभावना है और निवेशकों से जुड़ी राशि की वसूली के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला निवेशकों और आम जनता के लिए सावधानी का संकेत है कि किसी भी शेयर मार्केट या निवेश योजना में अज्ञात व्यक्तियों पर अंधविश्वास और लालच के आधार पर भरोसा न करें।