Monday, January 19

अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश 12 अपहृत बच्चे सकुशल बरामद, 13 गिरफ्तार; कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

रांची।
झारखंड पुलिस ने बच्चों की तस्करी और अपहरण से जुड़े एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्रवाई में अब तक इस गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय था और लंबे समय से बच्चों की तस्करी, भीख मंगवाने व अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था।

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गुलगुलिया गैंग’ के नेटवर्क का खुलासा

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इस गिरोह का पर्दाफाश धुर्वा थाना क्षेत्र से दो मासूम बच्चों—अंश और अंशिका—के अपहरण के बाद हुई जांच के दौरान हुआ। बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने जिले के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसके दौरान कुख्यात गुलगुलिया गैंग’ के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

एक दशक से सक्रिय था गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब 10 वर्षों से बच्चा चोरी और मानव तस्करी के धंधे में सक्रिय था। अब तक जिन 12 बच्चों को बरामद किया गया है, उन्हें रांची, धनबाद, लातेहार, लोहरदगा और ओडिशा के संबलपुर से अगवा किया गया था। सभी बच्चों को फिलहाल धुर्वा थाना में सुरक्षित रखा गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। पुलिस बच्चों के परिजनों की पहचान और तलाश में जुटी है। जहां पहचान में कठिनाई आ रही है, वहां डीएनए जांच कराई जाएगी।

बिहार, बंगाल और ओडिशा में होती थी बच्चों की बिक्री

गिरफ्तार आरोपियों में विरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, एंथोनी खेरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज ख्वानी, नव खेरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दीनू भुईंया, सन्यासी खेरवार, मालिन देवी और बेबी देवी शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बच्चों को अगवा कर उन्हें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बेच देता था या उनसे भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियां कराता था।

देह व्यापार और अंग तस्करी की आशंका

जांच के दौरान यह भी संकेत मिले हैं कि चोरी की गई कुछ बच्चियों को देह व्यापार में धकेला गया। पुलिस इस बात की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि कहीं इस नेटवर्क का संबंध मानव अंगों की तस्करी से तो नहीं है। अंश और अंशिका अपहरण मामले में गिरफ्तार पति-पत्नी नव खेरवार और सोनी कुमारी को धुर्वा पुलिस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया है।

पहले से तय होते थे सौदे

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया है कि उनके संपर्क बिहार और पश्चिम बंगाल के अन्य बच्चा चोर गिरोहों से थे और बच्चों को बेचने के सौदे पहले से तय किए जाते थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कई सौदे पूरे होने से पहले ही नाकाम हो गए। पुलिस ने गिरोह के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक सफेद मारुति सुजुकी कार भी जब्त की है।

ग्रामीण, नगर और यातायात पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब भी अन्य लापता बच्चों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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