Friday, January 16

MP में मिला ‘अजगर लोक’: जहां सर्दियों में सैकड़ों विशालकाय अजगर धूप सेंकते नजर आते हैं

 

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मंडला: ‘नाग लोक’ की कहानियां तो सुनी होंगी, लेकिन क्या कभी आपने हकीकत में अजगरों की दुनिया देखी है? मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित अजगर दादर में ठंड के मौसम में सैकड़ों विशालकाय और खतरनाक अजगर (Python) एक साथ धूप सेंकते नजर आते हैं।

 

कान्हा नेशनल पार्क से महज 30 किलोमीटर दूर यह प्राकृतिक अजगर संसार दिसंबर-जनवरी में रोमांचक दृश्य पेश करता है। जैसे ही सुबह की पहली किरणें चट्टानों पर पड़ती हैं, जमीन के अंदर से सैकड़ों अजगर बाहर निकलते हैं और दिनभर धूप सेंकते हैं। कई चट्टानों पर 5 से 10 अजगर कुंडली बनाकर बैठे दिखाई देते हैं, जो देखने वालों के शरीर में सिहरन पैदा कर देते हैं।

 

अजगरों का यह ठिकाना 100 साल पहले बना

इतिहास के अनुसार करीब 1926 में इस इलाके में भीषण बाढ़ आई थी। पानी उतरने के बाद डोलोमाइट की यह पहाड़ी खोखली हो गई। चूहे और छोटे जीव यहां रहने लगे और धीरे-धीरे अजगरों का कुनबा बढ़ा। आज यह अजगरों की दुनिया हजारों की संख्या में बस चुकी है। खोखली चट्टानें अजगरों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास प्रदान करती हैं।

 

क्यों धूप सेंकते हैं अजगर?

वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि अजगर ‘कोल्ड-ब्लडेड’ यानी शीत रक्त जीव होते हैं। ठंड के मौसम में अपने शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए उन्हें सूरज की रोशनी की आवश्यकता होती है। वहीं पथरीले इलाके में उन्हें शिकार के रूप में चूहों सहित कई छोटे जीव भी मिल जाते हैं।

 

अजगर दादर अब वन विभाग के पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहा है। वन्यजीव प्रेमी सर्दियों में यहां आकर इस अनोखी और रहस्यमयी दुनिया का दीदार कर सकते हैं।

 

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