
पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में शुक्रवार को विधानसभा और विधानपरिषद दोनों सदनों में सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों ने सरकार की नींद उड़ा दी। विपक्ष ने छात्राओं की मौत और रेप जैसी घटनाओं को लेकर तीखे सवाल किए, वहीं महिला शिक्षकों के तबादले की समस्या भी सदन में गूंजती रही।
फुलवारीशरीफ छात्रा कांड पर उठे सवाल
विधानपरिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने फुलवारीशरीफ में छात्रा को कथित रूप से छत से फेंककर हत्या किए जाने का मुद्दा उठाया। राबड़ी ने इसे सरकार की नाकामी करार देते हुए कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता की ताजा बानगी है। इस मामले को लेकर पटना एम्स के पास लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन भी किया।
अशोक चौधरी ने राबड़ी देवी पर पलटा हमला
वहीं सरकार की तरफ से मंत्री अशोक चौधरी ने प्रेस से कहा कि “राबड़ी देवी चाहती हैं कि मैं और सम्राट चौधरी मर जाएं। लेकिन उनके सोचने भर से ऐसा होने से रहा। उन्हें अपने शासनकाल की याद दिलानी चाहिए, जब बिहार में भय का माहौल था।”
बीजेपी MLC ने अपनी ही सरकार को घेरा
सत्ताधारी बीजेपी के MLC प्रोफेसर नवल किशोर यादव ने भी अपनी ही सरकार के सामने सवाल खड़े किए। उन्होंने बिहार के स्कूलों में बेंच-डेस्क घपले की जांच की मांग की और नालंदा के इस्लामपुर का उदाहरण दिया।
महिला शिक्षकों का सवाल
राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों के तबादलों की समस्या को भी उठाया। उन्होंने कहा कि दूर-दराज जिलों में पोस्टिंग से महिला शिक्षकों को अपने परिवार और बच्चों से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से होम डिस्ट्रिक्ट में पोस्टिंग देने की मांग की।
सदन की कार्यवाही में इन सभी मुद्दों ने सत्ताधारी और विपक्ष के बीच तीखी बहस को जन्म दिया और बिहार में सुरक्षा और शिक्षा प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए।
