
गाजियाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी और युद्ध जैसे हालातों के बीच ईरान में एक भारतीय मरीन इंजीनियर की गिरफ्तारी से उसके परिवार की चिंता गहराती जा रही है। गाजियाबाद निवासी केतन मेहता को ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर कोस्ट गार्ड्स ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार, ट्रांस हिंडन क्षेत्र के भोपुरा स्थित डीएलएफ कॉलोनी निवासी केतन मेहता दुबई की तेल कंपनी एमटी ब्रिलियंट रोअर में थर्ड मरीन इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। यह जहाज प्राइम टैंकर एलएलसी के माध्यम से ईरान से तेल परिवहन का कार्य करता है। 6 जनवरी को केतन समेत जहाज के कुल 16 क्रू मेंबर्स को ईरानी कोस्ट गार्ड ने हिरासत में लिया था, जिसकी सूचना परिजनों को 7 जनवरी को मिली।
31 दिसंबर के बाद टूटा संपर्क
केतन के पिता मुकेश मेहता ने बताया कि बेटे ने 31 दिसंबर को फोन कर बताया था कि जहाज डीजल लेने के लिए ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर पहुंचा है और तीन-चार दिन में वापस लौट जाएगा। इसके बाद से उससे कोई बातचीत नहीं हो सकी। 6 जनवरी को अचानक गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद से परिवार अनिश्चितता और भय के साए में जी रहा है।
‘हर बीतता दिन डर बढ़ा रहा’
मुकेश मेहता का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता कि उनका बेटा सुरक्षित है या नहीं, उसे भोजन और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हर बीतता दिन परिवार के लिए एक डरावने सपने जैसा है। यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय संकट भी है, जिसमें भारत सरकार का हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
परिजनों ने विदेश मंत्रालय, नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि केतन मेहता की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कर उन्हें जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। केतन की मां रजनी मेहता भी बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।