Friday, January 16

आज ही के दिन: जब सहवाग–द्रविड़ की जोड़ी ने पाकिस्तान को किया बेहाल, 4 रन से बच गया ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली।
क्रिकेट इतिहास में 16 जनवरी का दिन एक ऐसी याद लेकर आता है, जिसे भारतीय क्रिकेट प्रेमी आज भी गर्व और अफसोस—दोनों भावनाओं के साथ याद करते हैं। आज से ठीक 20 साल पहले, साल 2006 में भारत और पाकिस्तान के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला गया टेस्ट मैच भले ही नतीजे के लिहाज से उबाऊ और ड्रॉ रहा हो, लेकिन उसमें वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ ने जो करिश्मा दिखाया, उसने इस मुकाबले को इतिहास में अमर बना दिया।

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पाकिस्तान के पहाड़ जैसे स्कोर पर भारतीय पलटवार
पाकिस्तान ने पहली पारी में 679 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की थी। जवाब में भारत की शुरुआत ऐसी होगी, इसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। ओपनिंग के लिए उतरे वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ ने पाकिस्तानी गेंदबाजों पर चौतरफा हमला बोल दिया। चौथे दिन की शाम तक दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 403 रनों की अटूट साझेदारी कर ली और टेस्ट क्रिकेट के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए।

दरअसल, साल 1956 में पंकज रॉय और वीनू मंकड ने इंग्लैंड के खिलाफ 413 रनों की ओपनिंग साझेदारी की थी, जो पिछले 50 वर्षों से अटूट चली आ रही थी। सहवाग और द्रविड़ इस रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 11 रन दूर थे।

कोहरे ने छीना ऐतिहासिक पल
पांचवें दिन की सुबह लाहौर का घना कोहरा भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर गया। पूरे दिन में सिर्फ 14 गेंदों का ही खेल हो सका। इसी दौरान जब टीम इंडिया का स्कोर 410 रन पहुंचा, तो वीरेंद्र सहवाग 254 रन बनाकर आउट हो गए। भारत ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने से महज 4 रन और उसकी बराबरी करने से 3 रन पीछे रह गया।

सहवाग की यह पारी टेस्ट क्रिकेट की सबसे आक्रामक पारियों में गिनी जाती है। उन्होंने 254 रनों की अपनी पारी में 47 चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं दूसरे छोर पर ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ 103 रन बनाकर नाबाद लौटे।

टूटने से रह गया रिकॉर्ड, लेकिन अमर हुई साझेदारी
हालांकि सहवाग और द्रविड़ पंकज रॉय–वीनू मंकड की जोड़ी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए, लेकिन 410 रनों की उनकी साझेदारी टेस्ट क्रिकेट की सबसे यादगार ओपनिंग पार्टनरशिप्स में शामिल हो गई। विडंबना यह रही कि जिस रिकॉर्ड को भारतीय जोड़ी नहीं छू पाई, उसे दो साल बाद 2008 में दक्षिण अफ्रीका के नील मैकेंजी और ग्रीम स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ 415 रन जोड़कर तोड़ दिया।

लाहौर टेस्ट अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ, जहां बल्लेबाजों का पूरी तरह दबदबा रहा और गेंदबाज दर्शक बने रहे। बावजूद इसके, सहवाग और द्रविड़ की वह ऐतिहासिक साझेदारी आज भी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है—एक ऐसा पल, जो सिर्फ चार रनों की दूरी पर इतिहास बनते-बनते रह गया।

 

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