Wednesday, June 17

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‘असमानता को खत्म करने का ईमानदार प्रयास’ वन रैंक-वन पेंशन पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली।
सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और आजीवन सेवा को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन (OROP) की लंबे समय से चली आ रही मांग को सरकार ने पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया है।

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रक्षा मंत्री ने कहा, हमने उस असमानता को समाप्त करने का प्रयास किया है, जिसे हमारे पूर्व सैनिक वर्षों से महसूस कर रहे थे। वन रैंक-वन पेंशन लागू होने से वेटरन्स के जीवन में केवल वित्तीय स्थिरता आई है, बल्कि यह विश्वास भी मजबूत हुआ है कि देश उनके साथ न्याय करता है।”

पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं

राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है, उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) को लगातार सशक्त किया जा रहा है, ताकि बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएँ केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिकों तक भी प्रभावी ढंग से पहुँचें। इसके लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि दूरी या उम्र इलाज में बाधा न बने।

स्वरोजगार और सुविधाओं को बढ़ावा

रक्षा मंत्री ने कहा कि जो पूर्व सैनिक स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सरकार प्रोत्साहित कर रही है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, ताकि वेटरन्स को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

शहीदों के सम्मान में राष्ट्रीय समर स्मारक

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार न केवल जीवित वेटरन्स, बल्कि राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों को भी सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय समर स्मारक जैसे स्थल विकसित किए गए हैं, जो हर नागरिक को यह याद दिलाते हैं कि आज की आज़ादी और शांति के पीछे सैनिकों के अनगिनत बलिदान छिपे हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय स्तर पर भी ऐसे स्मारकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पूर्व सैनिक दिवस का महत्व

सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस स्वर्गीय फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्ति ली थी। यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले वीर सैनिकों के सम्मान, पहचान और कृतज्ञता के लिए समर्पित है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।

रक्षा मंत्री के संदेश ने स्पष्ट किया कि सरकार पूर्व सैनिकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

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