
गुलाबी नगर जयपुर में इस वर्ष पहली बार सेना दिवस परेड का आयोजन जगतपुरा स्थित महल रोड पर किया जा रहा है। 15 जनवरी को होने वाली इस भव्य परेड में भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और पराक्रम की झलक देखने को मिलेगी।
बिना पास प्रवेश संभव नहीं
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्पष्ट किया है कि परेड में सिर्फ पासधारकों को ही प्रवेश मिलेगा। आमजन से अपील की गई है कि बिना पास परेड स्थल पर न पहुंचें।
SSO पोर्टल से निःशुल्क पास
दर्शक sso.rajasthan.gov.in पोर्टल पर लॉग-इन कर निःशुल्क प्रवेश पास प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान रहे, एक पास पर केवल एक व्यक्ति प्रवेश कर सकता है और पास के साथ वैध पहचान पत्र अनिवार्य है।
सुरक्षा और समय की जानकारी
सभी दर्शकों को सुबह 8 बजे तक निर्धारित सीट पर पहुंचना होगा। सुरक्षा कारणों से किसी भी प्रकार के हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या संदिग्ध वस्तुएं साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। सुबह 8:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
लाइव प्रसारण और सुविधाएं
सेना दिवस परेड का लाइव प्रसारण प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में भी किया जाएगा। बैठने की व्यवस्था, पार्किंग स्थल और ब्लॉक प्रभारी अधिकारियों की पूरी जानकारी पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।
खुशखबरी: राजस्थान पचपदरा रिफाइनरी में 700 किमी दूर से पहली बार पहुंचा क्रूड, मार्च तक शुरू होगा उत्पादन
बाड़मेर: राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में पहली बार क्रूड तेल पहुंच गया है। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से 700 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए तेल 21 दिनों में रिफाइनरी तक लाया गया।
ट्रायल सफल, उद्घाटन जल्द संभव
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की इस हाईटेक परियोजना में ट्रायल सफल होने के बाद जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफाइनरी का उद्घाटन कर सकते हैं।
सुरक्षा जांच और उत्पादन
क्रूड पहुँचाने से पहले पाइपलाइन में 21,000 किलोलीटर पानी भेजकर तकनीकी जांच की गई। रिफाइनरी की प्रोसेसिंग यूनिटों का लगभग 99% कार्य पूरा हो चुका है। जनवरी 2026 से रिफाइनिंग शुरू हो चुकी है और मार्च तक पूरी क्षमता से उत्पादन संभव है।
आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ
रिफाइनरी में न केवल राजस्थान बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रूड तेल को भी प्रोसेस किया जाएगा। राज्य सरकार को सालाना लगभग 5,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है। परियोजना बीएस-6 मानक ईंधन तैयार करेगी और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
भविष्य की तैयारियां
पचपदरा और बालोतरा के आसपास नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12 किमी लंबी नई रेलवे लाइन मंजूर की गई है, जिससे भविष्य में तेल और उत्पादों का परिवहन रेल मार्ग से संभव होगा।
