
काशीपुर (उत्तराखंड)। काशीपुर में किसान एवं हिस्ट्रीशीटर सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने उत्तराखंड पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने पुलिस और कुछ प्रभावशाली लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। इस घटना के बाद उधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया और पैगा चौकी की पूरी टीम को लाइन हाजिर किया।
होटल में की गई आत्महत्या
घटना काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार इलाके की है। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उन्होंने पुलिस और स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा उत्पीड़न और दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रही थी, जिसके कारण वे मानसिक रूप से टूट गए।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का सख्त रुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम के बयान के बाद काशीपुर पुलिस सक्रिय हो गई और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
दो पुलिस अधिकारी निलंबित
प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर कोतवाली आईटीआई के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल निलंबित कर मुख्यालय पुलिस लाइन में भेज दिया गया। दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पैगा चौकी की पूरी टीम लाइन हाजिर
एसएसपी के आदेश के अनुसार कोतवाली आईटीआई क्षेत्र की पैगा चौकी पर तैनात पूरी टीम — चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी सहित अन्य पुलिसकर्मी — को लाइन हाजिर किया गया है। आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का कड़ा संदेश
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करना पुलिस के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। यदि किसी व्यक्ति को न्याय न मिलने की वजह से आत्महत्या जैसी घटना करनी पड़े, तो यह पुलिस तंत्र की विफलता है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उस पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।