Tuesday, June 16

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नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग पर विवाद, जेडीयू ने केसी त्यागी के बयान से झाड़ा पल्ला

 

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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग करना अब सियासी विवाद का कारण बन गया है। पार्टी नेतृत्व ने त्यागी के बयान से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाते हुए इसे उनका निजी विचार करार दिया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या केसी त्यागी का पार्टी से प्रभावी रूप से किनारा हो चुका है।

 

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केसी त्यागी का पार्टी की मौजूदा गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “केसी त्यागी का बयान पूरी तरह व्यक्तिगत है। पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं है। वे पार्टी में हैं या नहीं, यह तक आम कार्यकर्ताओं को पता नहीं है।”

 

प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर की थी मांग

 

गौरतलब है कि केसी त्यागी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके लंबे राजनीतिक जीवन और समाज सेवा के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की सिफारिश की थी। इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद जेडीयू में असहजता देखी गई और पार्टी ने तत्काल इससे किनारा कर लिया।

 

पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं: नीरज कुमार

 

जेडीयू के एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी त्यागी के बयान को पार्टी का आधिकारिक मत मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “केसी त्यागी का भारत रत्न वाला बयान उनका निजी विचार है। जनता दल यूनाइटेड का इससे कोई सरोकार नहीं है।”

 

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार का व्यक्तित्व इतना व्यापक है कि किसी पुरस्कार की मांग करने की आवश्यकता नहीं है। “नीतीश कुमार को वैश्विक चिंतक कहा गया है। पुरस्कार उनके पीछे चलते हैं, उन्हें पुरस्कारों के पीछे चलने की जरूरत नहीं है,” नीरज कुमार ने कहा।

 

पार्टी से निष्कासन की खबरों का खंडन

 

हालांकि, जेडीयू ने केसी त्यागी को पार्टी से निकाले जाने की अटकलों को खारिज किया है। नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि केसी त्यागी अभी भी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, हालांकि उनकी सक्रियता पहले की तुलना में कम हो गई है।

 

इस पूरे घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर नेतृत्व, अनुशासन और सार्वजनिक बयानों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

 

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