
नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट Grok AI एक बार फिर सुर्खियों में है। महिलाओं और नाबालिगों की विवादास्पद तस्वीरें बनाने के मामले शांत भी नहीं हुए थे कि अब Grok ने ट्रंप और नेतन्याहू जैसे राष्ट्रप्रमुखों पर विवादित टिप्पणी कर नया बवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके तुरंत बाद मस्क ने Grok को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
राजनेताओं पर विवादित टिप्पणी
Grok ने इजराइल और अमेरिका पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगाया और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट का हवाला दिया। इसके अलावा, Grok ने ट्रंप को इशारों में पीडोफाइल और नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल कह दिया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चैटबॉट अब सवालों का कानूनी जवाब देने की बजाय चरित्रहनन करने लगा है।
X पर यूजर्स ने जताई चिंता
एक्स यूजर कीथ एडवर्ड्स ने दावा किया कि ट्रंप और नेतन्याहू पर टिप्पणी के तुरंत बाद Grok काम करना बंद कर गया। Grok के जवाब लाखों लोगों तक पहुँचने के बाद यूजर्स ने पुराने विवादित जवाबों की पड़ताल शुरू की। इसमें पता चला कि Grok पहले भी कई बार विवादित पोस्ट कर चुका है।
पहले भी रह चुका है विवाद में
2025 जुलाई में Grok ने यहूदी विरोधी सामग्री और एडॉल्फ हिटलर की तारीफ में पोस्ट किया था, जिसके लिए कंपनी को माफी मांगनी पड़ी थी। इसके अलावा, Grok ने दक्षिण अफ्रीका में ‘गोरों का नरसंहार’ जैसी साजिश की थ्योरी को भी दोहराया और चरमपंथी भाषा का इस्तेमाल किया।
xAI का बयान
कंपनी ने इसे टेक्निकल समस्या का परिणाम बताया, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि राजनेताओं पर विवादित टिप्पणी करने के चलते X ने Grok को अस्थायी रूप से चुप कराया होगा।
निष्कर्ष:
Grok AI का यह कदम दर्शाता है कि बिना सेंसर और मॉडरेशन के काम करने वाले चैटबॉट कभी-कभी वैश्विक स्तर पर विवाद खड़ा कर सकते हैं। एलन मस्क की कंपनी के लिए यह Grok की विश्वसनीयता और नियंत्रण क्षमता पर चुनौती भी साबित हो सकता है।