
नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में कई दिग्गज खिलाड़ी आए और गए, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो इतिहास में हमेशा अमर रह जाते हैं। ऐसे ही दो बल्लेबाज हैं – भारत के वीरेंद्र सहवाग और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल। ये दोनों ही खिलाड़ी अकेले ऐसे हैं, जिन्होंने वनडे में डबल सेंचुरी और टेस्ट में ट्रिपल सेंचुरी लगाने का अद्भुत कारनामा किया है।
वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर में टेस्ट में दो बार ट्रिपल सेंचुरी लगाई। उन्होंने 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में 309 रन और 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 319 रन की पारी खेली। उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज ने गेंदबाजों की नींद उड़ाई।
सहवाग की तूफानी बल्लेबाजी का अंदाज वनडे में भी कमाल दिखाता है। 2011 में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर के होल्कर स्टेडियम में सिर्फ 149 गेंदों में 219 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के लगाए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
सहवाग की तरह वेस्टइंडीज के “यूनिवर्स बॉस” क्रिस गेल ने भी टेस्ट में दो ट्रिपल सेंचुरी लगाई हैं। उन्होंने 2005 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 317 और 2010 में श्रीलंका के खिलाफ 333 रन की पारी खेली। वहीं, वनडे में उन्होंने 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 215 रन बनाकर यह रिकॉर्ड पूरा किया।
वीरेंद्र सहवाग और क्रिस गेल की बल्लेबाजी का अंदाज और उनका आक्रामक खेल आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित है। ये दोनों ही खिलाड़ी अपने समय के असली गेम-चेंजर रहे हैं, जिनकी तूफानी पारीयों ने खेल के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया।