Sunday, May 31

This slideshow requires JavaScript.

कबाड़ वाहन बेचने पर नए वाहन की खरीद में 50% तक छूट, राजस्थान में लागू होगी नई स्क्रैपिंग नीति

 

This slideshow requires JavaScript.

 

जयपुर। राजस्थान सरकार अनफिट और पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने के उद्देश्य से राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति–2025 लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। नीति लागू होने के बाद 15 वर्ष से अधिक पुराने, अनरजिस्टर्ड और अनफिट वाहनों की स्क्रैपिंग की जाएगी। स्क्रैप सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने पर नए वाहन की खरीद में टैक्स के रूप में अधिकतम एक लाख रुपये तक की छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को लगभग 50 प्रतिशत तक लाभ मिल सकता है।

 

स्क्रैपिंग से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

 

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि नई नीति से राज्य में स्क्रैपिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे। पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स को पूंजी निवेश पर सब्सिडी, राज्य कर में छूट, ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी और बिजली बिल में रियायत जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही रिसाइक्लिंग और स्क्रैपिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।

 

चैसिस नंबर की सुरक्षित कस्टडी

 

नीति के तहत स्क्रैप किए गए वाहन के चैसिस नंबर के कटे हुए हिस्से को स्क्रैपर द्वारा छह माह तक सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद इसे संबंधित जिला परिवहन अधिकारी के पास जमा कराया जाएगा, जहां इसे 18 माह तक सेफ कस्टडी में रखा जाएगा। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

 

सर्कुलर इकोनॉमी को मिलेगी मजबूती

 

वाहन स्क्रैपिंग से प्राप्त स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, रबर और अन्य सामग्री का दोबारा उपयोग संभव होगा। इससे ऑटोमोबाइल, स्टील और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।

 

राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026 को मंजूरी

 

कैबिनेट बैठक में राजस्थान एआई एवं मशीन लर्निंग पॉलिसी–2026 को भी मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के जरिए ई-गवर्नेंस को सशक्त बनाना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और नवाचार आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है।

 

डेटा सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष जोर

 

नई एआई नीति के तहत डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और निर्णय प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

 

पचपदरा रिफाइनरी परियोजना अंतिम चरण में

 

कैबिनेट बैठक में पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 9 एमएमटीपीए क्षमता की इस परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। परियोजना की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये हो गई है। जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रिफाइनरी के उद्घाटन की तैयारी की जा रही है।

 

 

Leave a Reply