
सिवनी/इंदौर: सच्ची सफलता धैर्य, मेहनत और मजबूत इरादों से मिलती है। सागर जिले के सिवनी गांव के रहने वाले शुभम राय की कहानी इसके जीवंत प्रमाण है। इंटरव्यू से सिर्फ तीन महीने पहले पिता का निधन उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को पीछे नहीं छोड़ा। छह बार प्रयास करने और तीन बार इंटरव्यू देने के बाद आखिरकार उन्होंने MPPSC में सफलता पाई और सहकारी विस्तार अधिकारी/सहकारी निरीक्षक (सीईओ) बनकर अपनी मेहनत का फल पाया।
दृढ़ संकल्प की शुरुआत
शुभम ने अपनी स्कूली पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर से पूरी की और BSc की डिग्री हासिल की। उनके सपनों का लक्ष्य हमेशा अधिकारी बनना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने 2017 में इंदौर से MPPSC की तैयारी शुरू की। उन्होंने सिलेबस को यूनिट वाइज समझा, किताबों और सेल्फ नोट्स से खुद को तैयार किया।
असफलताओं से सीख, फिर मिली सफलता
शुभम ने कुल 6 बार परीक्षा दी और 3 बार इंटरव्यू तक पहुंचे। हर असफलता उनके लिए सीख और तैयारी को मजबूत करने का सबक बनी। छठे प्रयास में उन्होंने टॉप किया और अपना सपना साकार किया।
दुख ने दी हिम्मत
इंटरव्यू से सिर्फ तीन महीने पहले पिता का निधन शुभम के लिए मानसिक और भावनात्मक चुनौती बन गया। लेकिन इस गहरे दुख ने उन्हें और मजबूत किया। उन्होंने कहा, “पिता के जाने का दर्द मुझे आगे बढ़ने की ताकत बना।”
आज की सफलता, नए लक्ष्य
आज शुभम CEO हैं, लेकिन इसे मंजिल नहीं मानते। उनका अगला लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर बनना है। उनकी कहानी अनगिनत स्टूडेंट्स और उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बन गई है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और विश्वास से सफलता पाई जा सकती है।