
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पुरानी गाड़ियों पर कार्रवाई के आदेश में बदलाव किया है। अदालत ने इस क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या को वार्षिक संकट करार देते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं।
पुरानी गाड़ियों पर अब होगा एक्शन:
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2025 के आदेश में संशोधन करते हुए दिल्ली सरकार को अधिकार दिया कि वह BS-4 से नीचे मानक वाली गाड़ियों पर कार्रवाई कर सके। अब 10 साल से अधिक पुरानी डीजल और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को नियमों के तहत सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
पूर्व आदेश पर रोक:
इससे पहले 12 अगस्त को अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में सभी उम्रदराज गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। साथ ही, अदालत ने MCD को निर्देश दिया था कि दिल्ली की सीमाओं पर स्थित 9 टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद या दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए, ताकि वहां ट्रैफिक जाम न हो।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां:
सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि क्या आप फंड जुटाने के लिए कनॉट प्लेस पर भी टोल लगाएंगे। कोर्ट ने साथ ही कहा कि प्रतिबंधों के कारण बेकार बैठे कंस्ट्रक्शन मजदूरों को आर्थिक मदद प्रदान की जाए।
वायु गुणवत्ता की स्थिति:
दिल्ली में बुधवार को 24 घंटे का औसत AQI 334 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। मौसम और हवा की स्थिति के अनुसार अगले चार-पाँच दिनों में AQI 400 से ऊपर जा सकता है। हालांकि, हाल में हवा में तेजी आने के कारण प्रदूषण में थोड़ी कमी देखने को मिली है, लेकिन सांस लेने के लिए वायु अभी भी सुरक्षित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पुरानी गाड़ियों के प्रबंधन के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।