मनोज बाजपेयी की पत्नी शबाना रजा का खुलासा, फिल्मों के लिए नाम बदलने को किया गया ‘मजबूर’


मुंबई. इस बात से कोई इंकार नहीं है कि ‘द फैमिली मैन 2’ (The Family 2) फेम एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) रियल लाइफ में एक ‘फैमिली मैन’ हैं. जब एक्टर से पूछा गया कि उनके लिए उनके परिवार या काम में सबसे पहले क्या आता है, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया, ‘परिवार पहले आता है. पहले मुझे परिवार की सभी उम्मीदों और आवश्यकताओं को पूरा करना होगा और उसके बाद ही मैं घर से बाहर निकल सकता हूं.

डीएनए के साथ अपने हालिया इंटरव्यू में एक्टर ने बताया कि, ‘यदि मेरी बेटी के बीमार होने या मेरी पत्नी की तबीयत खराब होने की कोई कॉल आती है, तो यह मुझे पूरी तरह से परेशान करता है. मैं काम नहीं कर सकता. मेरे लिए परिवार की खुशी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उसके बाद, आप अच्छी तरह से काम कर सकते हैं. फिर आपको परवाह नहीं है कि आपको शूटिंग के दौरान चोट लगी है और आप अपना इलाज करा रहे हैं. घाव कर रहे हैं, यह वास्तव में आपको परेशान नहीं करता है. आपके काम करने के लिए परिवार को खुश होना चाहिए.’

शबाना ने फिल्म ‘करीब’ से किया था बॉलीवुड में डेब्यू

यह बयान बताता है कि वह अपनी फैमिली यानी वाइफ शबाना रजा और बेटी अवा नायला से कितना प्यार करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मनोज बाजपेयी की पत्नी भी एक एक्ट्रेस हैं और उनका स्क्रीन नाम नेहा था. मनोज की पत्नी, जिन्होंने 1998 में बॉबी देओल स्टारर फिल्म ‘करीब’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था और उसके बाद ऋतिक रोशन की ‘फिजा’, अजय देवगन की ‘होगी प्यार की जीत’ में अभिनय किया, उन्हें फिल्मों के लिए अपना नाम शबाना से बदलकर नेहा करने के लिए मजबूर किया गया.अनेक मशहूर हस्तियों ने स्वेच्छा से अपने मूल नामों को छोड़ दिया और स्टेज के नाम को अपना लिया. शबाना ने रेडिफ डॉट कॉम के साथ 2008 के एक इंटरव्यू में इसके बारे में बात की थी. उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे बॉलीवुड में कदम रखने से पहले उन्हें अपना नाम नेहा में बदलने के लिए ‘मजबूर’ किया गया था.

‘मेरे माता-पिता ने गर्व से मेरा नाम शबाना रखा था’

शबाना ने इंटरव्यू में बताया- ‘मैं कभी नेहा नहीं थी. मैं हमेशा शबाना थी. मुझे अपना नाम भी बदलने के लिए मजबूर किया गया था. मैं इसके साथ बिल्कुल भी ठीक नहीं थी. मेरे माता-पिता ने गर्व से मेरा नाम शबाना रखा था. इसे बदलने की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी. फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद से अब मैं बहुत परिपक्व हो गई हूं. पहले मैं हर चीज को लेकर बहुत आशंकित रहती थी, लेकिन अब मैं बेहतर समझ रही हूं.’

फिल्म ‘करीब’ के बाद अपने मूल नाम पर वापस क्यों नहीं गई, इस पर शबाना ने कहा, ‘यह दुखद बात है. जब मैं अपने पहले के नाम पर वापस जाना चाहती थी तो कोई मेरी बात नहीं सुनता था. इसलिए संजय के साथ काम करना और अलीबाग की पूरी टीम मेरे जीवन का सबसे अच्छा अनुभव रही है. मैंने संजय से कहा कि, मैं अपने असली नाम के काम करना चाहती हूं और उन्होंने इसकी रजामंदी दे दी. मैंने अपनी पहचान खो दी थी और अब मुझे यह वापस मिल गई है.’

2008 की फिल्म ‘अलीबाग’ में शबाना आखिरकार अपने मूल नाम का उपयोग करने में कामयाब रहीं. 2016 में जब मनोज वाजपेयी से उनकी पत्नी की अभिनय में वापसी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने रेडिफ से कहा, ‘जैसे ही मेरी बेटी बड़ी होगी, वह वापसी करेंगी. अभी, वह एड और अन्य शॉर्ट टर्म काम करने के लिए तैयार हैं, जिससे वे बच्चे पर ध्यान केंद्रित कर सके.’ शबाना आखिरी बार 2009 में रिलीज हुई फिल्म ‘एसिड फैक्ट्री’ में नजर आई थीं.





Source link

Leave a Reply

COVID-19 Tracker
%d bloggers like this: