Sunday, June 21

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अमेरिका-चीन तकरार: दक्षिण चीन सागर में अमेरिका को चेतावनी, चीन ने कहा – दखल देने का कोई हक़ नहीं

अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर तल्ख जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस बार विवाद का केंद्र बना दक्षिण चीन सागर, जहाँ फिलीपींस की मछली पकड़ने वाली नौकाओं के साथ चीन के कोस्ट गार्ड की घटना ने माहौल गर्म कर दिया।

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चीन ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं रखता। चीन के अनुसार, अमेरिका दक्षिण चीन सागर विवाद का हिस्सा नहीं है और उसे संबंधित पक्षों के बीच समुद्री मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

चीन के दूतावास ने अमेरिका में जारी बयान में लिखा, “अमेरिका तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाली और भड़काऊ टिप्पणियां करना बंद करे। दक्षिण चीन सागर में परेशानी पैदा करने के लिए फिलीपींस की कोशिशों को बढ़ावा देना और समर्थन देना भी बंद करे। नानशा कुंडाओ और उसके आस-पास के पानी पर चीन की निर्विवाद संप्रभुता है।”

चीन ने फिलीपींस की नौकाओं पर हमले के कारणों का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, 12 दिसंबर को फिलीपींस ने शियानबिन जिआओ के पास उकसावे के लिए बड़ी संख्या में जहाज भेजे और शियानबिन जिआओ के लैगून में घुसपैठ की। चीन के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद, फिलीपीनी जहाजों ने जानबूझकर खतरनाक हरकतें कीं, और चीन कोस्ट गार्ड के अधिकारियों को धमकाने की कोशिश की।

चीन ने फिलीपींस को सख्त चेतावनी दी कि वह अपने उल्लंघन और उकसावे को तुरंत बंद करे और चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों को चुनौती देने से बचे।

वहीं, अमेरिका ने चीन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस टॉमी पिगोट ने कहा, “अमेरिका दक्षिण चीन सागर में फिलीपीनी मछुआरों पर चीन द्वारा की गई आक्रामक कार्रवाइयों की निंदा करता है। ये कार्रवाई फिलीपीनी मछुआरों की आजीविका को खतरे में डालती है। हम अपने फिलीपीनी सहयोगियों के साथ खड़े हैं, क्योंकि वे चीन की उकसाने वाली रणनीति और पड़ोसियों के खिलाफ बढ़ते खतरों का सामना कर रहे हैं।”

इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और अमेरिका-चीन के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देश आपसी संवाद और कूटनीतिक समाधान की ओर नहीं बढ़े, तो दक्षिण चीन सागर में स्थित तनाव और गहराने की संभावना है।

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