खंडवा में फ्लोराइड संकट: जवानी में बुढ़ापा, 3000 लोग पी रहे ‘जहर’, टूटने लगे दांत और टेढ़ी हड्डियां
खंडवा: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हैं। इसी बीच खंडवा जिले के किल्लोद ब्लॉक से एक भयावह तस्वीर सामने आई है। यहाँ के 7 गांवों के करीब 3000 लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे डेंटल और स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया है।
क्या होती है यह बीमारी
छोटे बच्चों के दांत पहले ही पीले पड़कर टूटने लगे हैं, वहीं युवाओं के दांत पूरी तरह सड़ चुके हैं। कई लोगों की हड्डियों में दर्द, टेढ़ापन और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और भविष्य का भी गंभीर प्रश्न बन गया है।
युवाओं के विवाह पर संकट
फ्लोरोसिस का असर युवाओं के जीवन पर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। दां...









