
छिंदवाड़ा: सरकारी स्कूल में बच्चों के पोषण और भलाई के लिए आयोजित मिड-डे मील कार्यक्रम उस समय चर्चा में आ गया, जब मंच पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ ने बच्चों को किनारे कर दिया। कार्यक्रम में बच्चों की उपेक्षा देख शिक्षा और लोक स्वास्थ्य मंत्री राकेश सिंह भड़क उठे।
मंत्री ने मौके पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, “यह बच्चों का कार्यक्रम है, हमारा नहीं। पहले उन्हें सम्मान से खाना खिलाएं, उसके बाद कोई और औपचारिकता होगी।” उनके निर्देश के बाद मंच के पास कब्जा जमाए कई नेताओं को हटवाया गया और बच्चों को प्राथमिकता देते हुए तुरंत भोजन वितरण शुरू कराया गया।
बच्चों से ज्यादा दिखावे पर जोर
स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन बच्चों की सुविधा से ज्यादा फोटो सेशन और राजनीतिक मौजूदगी पर ध्यान दिया गया। कई अभिभावक नाराज दिखाई दिए और कहा कि मिड-डे मील का उद्देश्य बच्चों के पोषण को सुनिश्चित करना है, नेताओं के प्रचार को बढ़ावा देना नहीं।
अधिकारियों को तुरंत सुधारने का आदेश
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अव्यवस्था अस्थायी थी और मंत्री राकेश सिंह के निर्देश के बाद सभी व्यवस्थाएं तुरंत दुरुस्त कर दी गईं। बच्चों के हित में यह कार्रवाई आम जनता और अभिभावकों के लिए संतोषजनक साबित हुई।
मंत्री राकेश सिंह की यह कार्रवाई बच्चों के हित में स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा और पोषण कार्यक्रमों में दिखावे और राजनीति को कभी प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।