
दतिया: जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस की संवेदनशीलता का एक मार्मिक उदाहरण सामने आया। कार्रवाई के दौरान एक दंपती अपने तीन माह के मासूम बच्चे को छत पर रोता छोड़कर फरार हो गया। मौके पर मौजूद एसडीओपी आकांक्षा जैन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को गोद में उठाया और तुरंत दूध पिलाया।
ठंड में रोता मिला मासूम
सचेत और सतर्क एसडीपीओ आकांक्षा जैन ने बच्चे को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े उपलब्ध कराए। इसके बाद मासूम को उसकी बड़ी बहन के सुपुर्द किया गया और आवश्यक समझाइश दी गई। एसडीपीओ आकांक्षा जैन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के कमजोर और असहाय वर्ग के प्रति संवेदनशील होना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। उनके इस मानवीय कदम की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।
छापेमारी में भारी मात्रा में शराब और गुड़ लहान नष्ट
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने फुलरा कंजर डेरा क्षेत्र में कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब और गुड़ लहान जब्त किया गया। टीम ने 5400 बल्क लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा, लगभग 19 हजार किलो गुड़ लहान, 72 ड्रम और दो मदिरा निर्माण मशीनें नष्ट की। इन सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 30.81 लाख रुपए बताई जा रही है।
दो केस दर्ज, बड़ी पुलिस फोर्स तैनात
इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश आबकारी एक्ट के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए। आबकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि कानून और मानवता साथ-साथ चल सकते हैं। SDOP आकांक्षा जैन की यह संवेदनशील पहल न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी, बल्कि मानवीय मूल्य को भी प्रदर्शित करती है।