
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के मानेसर ने पिछले कुछ सालों में अपना स्वरूप पूरी तरह बदल लिया है। अब यह केवल एक औद्योगिक केंद्र नहीं रह गया है, बल्कि औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल्स के लिए पसंदीदा रिहायशी गंतव्य बनता जा रहा है।
औद्योगिक ताकत और रोजगार के अवसर
आईएमटी मानेसर में लगभग 1,750 एकड़ में फैले 400 से अधिक इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं। इनमें हीरो मोटोकॉर्प, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक, मारुति सुजुकी और डेंसो जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। मानेसर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और यहां लगातार नई मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियां आ रही हैं। रोजगार के बढ़ते अवसरों के कारण अब रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा
मानेसर का लोकेशन एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर हाईवे), कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी रोड के बेहद करीब है। प्रस्तावित गुरुग्राम-मानेसर मेट्रो से यह क्षेत्र पूरे एनसीआर से बेहतर जुड़ जाएगा।
रेजिडेंशियल डिमांड में बदलाव
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लो-राइज फ्लोर्स की मांग हाई-राइज की तुलना में अधिक।
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निवेशक कम भीड़भाड़, बेहतर क्रॉस-वेंटिलेशन और बड़ा कार्पेट एरिया चाहते हैं।
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प्रतिष्ठित डेवलपर्स भी मानेसर में अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहे हैं।
भविष्य की दिशा
हरियाणा सरकार ने मानेसर में 500 एकड़ में एंटरटेनमेंट और थीम पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे यह क्षेत्र और भी आकर्षक बन सकता है। तेजी से बेहतर होता इन्फ्रास्ट्रक्चर, आने वाले लॉजिस्टिक्स पार्क और इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) के पास की स्थिति मानेसर को एनसीआर का अगला इंटीग्रेटेड ‘लाइव-वर्क’ इकोसिस्टम बना रही है।
मानेसर अब औद्योगिक केंद्र के साथ-साथ रेजिडेंशियल हब के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
