
वॉशिंगटन: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया भर में लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।
इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा था कि क्या भारत के खिलाफ लगाए गए टैरिफ भी रद्द होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ डील यह है कि वे टैरिफ देंगे और हम उन्हें टैरिफ नहीं देंगे। यह पहले जैसा नहीं है।”
ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि “वे महान नेता हैं और अमेरिका के मामले में स्मार्ट निर्णय लेते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और भारत के बीच यह फेयर डील है, जिसमें अमेरिका टैरिफ नहीं देगा जबकि भारत टैरिफ लागू करेगा।
ट्रंप का नया टैरिफ प्लान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप ने घोषणा की कि वह 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने के लिए नए तरीके अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि पुराने टैरिफ पूरी तरह लागू रहेंगे और नए सेक्शन 122 के तहत तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर असर
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारत और अमेरिका एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ रहे हैं। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह समझौता मार्च में साइन और अप्रैल से लागू होने की संभावना है।
इस फैसले के बावजूद, ट्रंप ने भारत पर टैरिफ जारी रहने का भरोसा देते हुए कहा कि अमेरिकी नीतियों में भारत को विशेष स्थिति दी गई है और यह व्यापारिक संबंध मजबूत बने रहेंगे।
