Tuesday, February 17

भिवाड़ी हादसा: मोटी सैलरी के लालच में बिहार के मजदूरों का जीवन उजड़ गया, पटाखा फैक्ट्री का विस्फोट ले गया 7 जानें

भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने बिहार के 7 मजदूरों की जान ले ली। मोतिहारी से आए ये मजदूर 30 हजार रुपये महीने की ‘मोटी सैलरी’ के लालच में जिंदगी संवारने आए थे, लेकिन फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने उनके परिवारों की खुशियों को ध्वस्त कर दिया। मृतकों की पहचान अब डीएनए और दांतों के सैंपल से की जाएगी।

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जिंदगी संवारने आए थे, कंकाल बन गए

मोटिवेशन और आशाओं के साथ आए मजदूरों के लिए यह सफर उनकी आखिरी सांस बन गया। मृतकों में एक युवक अपनी शादी के केवल 10 महीने बाद काम पर आया था। विस्फोट इतना भयंकर था कि मजदूरों के शरीर कंकाल में तब्दील हो गए।

फैक्ट्री में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल न के बराबर थी। 16 मजदूरों की अलग-अलग टेबल पर 10-10 किलो बारूद और केमिकल रखा गया था। पास के कमरे में सैकड़ों किलो बारूद का स्टॉक था। आग लगते ही लगातार तीन बड़े धमाके हुए, जिससे दीवारें ढह गईं और कांच के टुकड़े उड़ गए। कागजों में यह फैक्ट्री ‘रेडिमेड गारमेंट’ के नाम से दर्ज थी, लेकिन अंदर पटाखों का उत्पादन चल रहा था।

आरोपी मालिक फरार, मैनेजर हिरासत में

मृतक मिन्टू के भाई राजकिशोर की शिकायत पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार, हेमंत शर्मा, मैनेजर अभिनंदन और ठेकेदार अजीत के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के तुरंत बाद मालिक राजेंद्र कुमार मोबाइल बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने मैनेजर अभिनंदन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

डीएनए और फॉरेंसिक जांच से होगी शिनाख्त

खैरथल एसपी मनीष कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल लिए हैं। चूंकि शव पूरी तरह जल चुके हैं, इसलिए दांतों और डीएनए के सैंपल के जरिए मृतकों की पहचान की जाएगी।

भिवाड़ी हादसा एक बार फिर अवैध उद्योगों में सुरक्षा की अनदेखी और मजदूरों के जीवन पर होने वाले गंभीर संकट की याद दिलाता है।

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