Monday, February 16

बिहार पुलिस के लिए ‘जादू की छड़ी’ बना Cri-MAC पोर्टल, अब देशभर के थानों और एजेंसियों से मिलेगी रीयल-टाइम जानकारी

पटना। बिहार पुलिस अब देशभर की पुलिस और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सीधे डिजिटल रूप से जुड़ गई है। इसके लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित Cri-MAC पोर्टल को बिहार में लागू किया गया है। Cri-MAC यानी Crime Multi Agency Center को पुलिस के लिए एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए अब गंभीर अपराधों और अपराधियों की जानकारी रीयल-टाइम में तुरंत साझा की जा सकेगी।

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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पोर्टल बिहार पुलिस के लिए किसी जादू की छड़ी से कम नहीं है, क्योंकि इससे अपराधियों के दूसरे राज्यों में भागकर बचने की संभावनाएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

क्या है Cri-MAC पोर्टल?

Cri-MAC पोर्टल एनसीआरबी द्वारा तैयार किया गया एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को एक ही नेटवर्क पर जोड़ता है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध, अपराधियों और एफआईआर से जुड़ी जानकारी को एक क्लिक में साझा करना और जांच को तेज करना है।

इस पोर्टल की मदद से पुलिस विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान अब 24 घंटे, सातों दिन ऑनलाइन संभव हो गया है।

अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, बचना होगा मुश्किल

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि Cri-MAC पोर्टल के जरिए अंतरराज्यीय अपराधियों, मानव तस्करों और शराब माफियाओं पर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा। कई अपराधी दूसरे राज्यों से बिहार में अपना नेटवर्क संचालित करते हैं, लेकिन अब उनके मूवमेंट और गतिविधियों पर नजर रखना संभव हो सकेगा।

पोर्टल से बिहार पुलिस को अपराधियों की गिरफ्तारी, जेल से रिहाई, नए मामलों में संलिप्तता और अन्य गतिविधियों की जानकारी लगातार मिलती रहेगी।

अब जीरो FIR भी सीधे संबंधित थाने तक पहुंचेगी

नए कानून में जीरो एफआईआर का प्रावधान लागू किया गया है, जिसके तहत किसी अपराध की रिपोर्ट उसी क्षेत्र के थाने में दर्ज कराना अनिवार्य नहीं रह गया है। परिस्थितियों के अनुसार दूसरे थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।

अब ऐसी जीरो एफआईआर की जानकारी भी Cri-MAC पोर्टल के जरिए सीधे संबंधित थाने और एजेंसियों तक भेजी जा रही है, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

एक साथ कई एजेंसियों को भेजी जा सकेगी सूचना

Cri-MAC पोर्टल की विशेषता यह है कि इसमें एक ही बार में कई अधिकारियों को मैसेज या ई-मेल भेजा जा सकता है। किसी भी एफआईआर की पूरी डिटेल देखी जा सकती है और जरूरी सूचनाएं तुरंत साझा की जा सकती हैं।

सुरक्षित नेटवर्क पर चलता है सिस्टम

पुलिस के अनुसार, यह पोर्टल CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) के सुरक्षित नेटवर्क पर संचालित होता है। इसे केवल प्रमाणित और अधिकृत उपयोगकर्ता ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे किसी सार्वजनिक नेटवर्क से एक्सेस नहीं किया जा सकता, जिससे डेटा की सुरक्षा बनी रहती है।

जांच में तेजी और अपराध नियंत्रण में मदद

बिहार पुलिस का मानना है कि Cri-MAC पोर्टल से अपराधों की जांच में तेजी आएगी, अंतरराज्यीय अपराधियों की पहचान आसान होगी और अपराध नियंत्रण में बड़ा सुधार होगा। इससे बिहार में अपराध कर दूसरे राज्यों में भागने वाले अपराधियों को भी जल्दी पकड़ना संभव हो सकेगा।

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