
उखरुल (मणिपुर): मणिपुर के उखरुल जिले में तंगखुल नगा और कुकी समुदायों के बीच तनाव और हिंसा ने जिले को दहला दिया। तंगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित हमले के बाद सशस्त्र उग्रवादियों ने कई मकानों में आग लगा दी। घटना का क्रम लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिससे अशांति और बढ़ गई। मध्यरात्रि के आसपास लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नगा समुदाय के कई मकानों में कुकी उग्रवादियों द्वारा आग लगाई गई। पास के इलाके में कुकी समुदाय के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में हथियारबंद लोग मकानों और वाहनों को आग लगाते और हवा में गोली चलाते दिख रहे हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए महादेव, लंबुई और शांगकाई तथा लिटान की ओर जाने वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। आपस में भिड़े दो आदिवासी समूहों को आंसू गैस के गोले दागकर तितर-बितर किया गया। कर्फ्यू लागू उखरुल जिले के जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने अधिसूचना जारी कर रविवार शाम 7 बजे से अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू किया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना प्रतिबंधित है, सिवाय सरकारी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के। हिंसा के पीछे कारण लिटान गांव में तंगखुल नगा समुदाय के सात–आठ लोगों पर हमला हुआ था। इसके समाधान के लिए पीड़ित पक्ष और गांव के मुखिया के बीच पारंपरिक तरीके से बैठक तय हुई थी, लेकिन बैठक नहीं हुई। इसके बाद पास के सिकिबुंग गांव के ग्रामीणों ने लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर कथित हमला किया और पुलिस थाने के पास से गुजरते हुए सात गोलियां भी चलाईं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण अधिकारी बता रहे हैं कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और इलाके में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। सुरक्षा बलों की सतर्कता के बावजूद हिंसा ने समुदायों के बीच डर और असुरक्षा पैदा कर दी है।
