
नई दिल्ली, 7 फरवरी 2026: शिक्षक बनने का सपना रखने वाले छात्रों के लिए BEd और इंटीग्रेटेड BEd डिग्री का चुनाव अहम होता है। दोनों ही प्रोफेशनल टीचर ट्रेनिंग कोर्स हैं, लेकिन इनके अंतर, अवधि और संरचना के कारण शिक्षक बनने का रास्ता अलग-अलग हो सकता है।
BEd क्या है?
BEd यानी बैचलर ऑफ एजुकेशन एक पेशेवर टीचर ट्रेनिंग कोर्स है। इसे सामान्यतः नॉर्मल BEd कहा जाता है। यह प्रोग्राम 2 साल का होता है और NCTE से मान्यता प्राप्त होता है। बीएड करने के लिए उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन होना आवश्यक है।
इंटीग्रेटेड BEd क्या है?
इंटीग्रेटेड BEd एक डुअल डिग्री कोर्स है, जिसमें ग्रेजुएशन और बीएड दोनों शामिल होते हैं। इसे BA-BEd या BSc-BEd के नाम से जाना जाता है। यह कोर्स आमतौर पर 4 साल का होता है, और इसमें टीचर ट्रेनिंग के साथ-साथ छात्र द्वारा चुना गया मुख्य सब्जेक्ट भी शामिल होता है।
मुख्य अंतर
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अवधि (Duration): इंटीग्रेटेड BEd 12वीं के बाद 4 साल का कोर्स है, जबकि नॉर्मल BEd ग्रेजुएशन के बाद 2 साल का होता है।
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डिग्री: इंटीग्रेटेड BEd पूरा होने पर छात्र को दो डिग्री मिलती हैं – एक बैचलर डिग्री और एक BEd।
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समय बचत: ग्रेजुएशन के बाद बीएड करने में कुल समय 5 साल लगता है, जबकि इंटीग्रेटेड BEd में 4 साल में दोनों डिग्री मिल जाती हैं। इससे छात्र CTET/TET परीक्षा की तैयारी में अतिरिक्त समय निकाल सकते हैं।
योग्यता
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इंटीग्रेटेड BEd: 12वीं पास होना अनिवार्य, न्यूनतम अंक विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा निर्धारित।
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नॉर्मल BEd: ग्रेजुएशन पूरी की हुई हो, न्यूनतम अंक आवश्यक, और एडमिशन एंट्रेंस परीक्षा या मेरिट के आधार पर।
शिक्षक बनने का आसान रास्ता
इंटीग्रेटेड BEd से छात्र अपना 1 साल बचा सकते हैं, जिसे CTET या TET परीक्षा की तैयारी में उपयोग कर सकते हैं। दोनों ही कोर्स सरकारी शिक्षक की नौकरियों के लिए मान्य हैं, लेकिन समय और तैयारी की सुविधा के हिसाब से इंटीग्रेटेड BEd अधिक सुविधाजनक विकल्प माना जाता है।