
नई दिल्ली, 7 फरवरी 2026: देश-दुनिया में कई शहर अपनी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें से एक शहर को ‘साहित्य का शहर’ कहा जाता है, जिसकी पहचान न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। यहां 500 से ज्यादा लाइब्रेरी हैं, और यह ज्ञान, शिक्षा और साहित्यिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र माना जाता है।
कोझिकोड – भारत का पहला यूनेस्को सिटी ऑफ लिटरेचर
यूनेस्को के अनुसार, केरल का कोझिकोड जिला भारत का पहला शहर है, जिसे 2023 में ‘सिटी ऑफ लिटरेचर’ का खिताब मिला। यह सम्मान शहर के समृद्ध साहित्यिक इतिहास, लेखकों की बड़ी संख्या, सक्रिय पब्लिशिंग इंडस्ट्री और नियमित साहित्यिक कार्यक्रमों के आधार पर दिया गया।
500 से ज्यादा लाइब्रेरी और साहित्यिक संस्कृति
कोझिकोड में कुल 545 लाइब्रेरी हैं, जिनके हजारों सदस्य हैं। शहर में 70 से ज्यादा पब्लिशिंग हाउस हैं, जो सालाना लगभग 400-500 किताबें प्रकाशित करते हैं। शहर ने कई स्थानीय लेखकों और साहित्यकारों को बढ़ावा दिया है। पीए ललिता पुरस्कार, एसके पोट्टेक्काट साहित्य पुरस्कार और मातृभूमि साहित्य पुरस्कार जैसे सम्मान स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के लिए दिए जाते हैं।
कोझिकोड से जुड़े प्रसिद्ध लेखक
इस शहर ने वैकोम मुहम्मद बशीर, एसके पोट्टेक्काट, पी. वलसाला, के. दामोदरन और एमटी. वासुदेवन नायर जैसे कई प्रतिष्ठित लेखक दिए हैं। शहर की लाइब्रेरी, किताबों की दुकानें और साहित्यिक कार्यक्रम यहां के साहित्यिक जीवन का अहम हिस्सा हैं।
सालभर साहित्यिक कार्यक्रम
कोझिकोड में सालभर साहित्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इनमें प्रमुख हैं बेपोर कला, शिल्प, पर्यटन और साहित्य महोत्सव, जो 40 दिन तक चलता है और प्रसिद्ध लेखक वैकोम मुहम्मद बशीर की याद में मनाया जाता है। इसके अलावा केरल महोत्सव भी आयोजित होता है, जो देश के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में से एक है।
कोझिकोड की ये समृद्ध साहित्यिक परंपरा और ज्ञान के प्रति प्रेम इसे विश्व साहित्यिक मानचित्र पर अनूठा बनाता है।