Thursday, January 22

कंप्यूटर साइंस की वैश्विक रैंकिंग में IIT बाहर, टॉप 400 में भी नहीं नाम—आखिर कैसी है THE रैंकिंग 2026?

 

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नई दिल्ली:

कंप्यूटर साइंस (CS) आज भी भारत और दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली इंजीनियरिंग ब्रांच है। देश में BTech या BE की बात आते ही सबसे पहले IIT दिल्ली, बॉम्बे, मद्रास और खड़गपुर जैसे संस्थानों का नाम लिया जाता है। लेकिन टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) सब्जेक्ट वाइज रैंकिंग 2026 ने सबको चौंका दिया है। इस रैंकिंग में कंप्यूटर साइंस के लिए दुनिया के टॉप 400 कॉलेजों की सूची में एक भी प्रमुख IIT शामिल नहीं है।

 

यह नतीजा चौंकाने वाला इसलिए भी है क्योंकि IITs को न सिर्फ भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि IIT इस लिस्ट से बाहर रह गए?

 

 

 

CS में दुनिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज (THE रैंकिंग 2026)

 

THE रैंकिंग 2026 के मुताबिक कंप्यूटर साइंस के लिए दुनिया की शीर्ष 10 यूनिवर्सिटीज ये हैं—

 

  1. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (यूके) – 97.7
  2. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) – 96.7
  3. ETH ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) – 96.3
  4. MIT (अमेरिका) – 96.3
  5. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) – 96.1
  6. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) – 95.9
  7. कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) – 95.5
  8. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) – 93.8
  9. इंपीरियल कॉलेज लंदन (यूके) – 93.5
  10. पीकिंग यूनिवर्सिटी (चीन) – 93.2

 

 

 

भारत की स्थिति: IISc टॉप 100 में, IIT पीछे

 

THE 2026 के अनुसार, भारत से कंप्यूटर साइंस में टॉप 100 में जगह बनाने वाला इकलौता संस्थान है—इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु, जिसे वैश्विक रैंक 96 मिली है।

 

इसके बाद:

 

एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा: ग्लोबल रैंक 251–300

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और थापर इंस्टिट्यूट: 301–400 रैंक रेंज

 

 

 

IIT कहां हैं?

 

THE रैंकिंग 2026 में पहला IIT है:

 

IIT इंदौर – रैंक 401–500

IIT पटना – रैंक 501–600

IIT गांधीनगर – रैंक 601–800

 

इसके अलावा IIT बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का नाम इस सब्जेक्ट रैंकिंग में शामिल ही नहीं है।

 

 

 

तो क्या IIT का स्तर गिर गया? नहीं, वजह कुछ और है

 

इस रैंकिंग को लेकर सबसे अहम बात यह है कि THE सब्जेक्ट रैंकिंग के लिए संस्थानों को खुद आवेदन करना होता है।

जो संस्थान अपने डेटा और रिकॉर्ड्स के साथ आवेदन करते हैं, उन्हीं का मूल्यांकन किया जाता है।

 

यानी IIT बॉम्बे, दिल्ली या मद्रास का लिस्ट में न होना उनकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं है, बल्कि इसका मतलब यह है कि उन्होंने इस रैंकिंग के लिए आवेदन नहीं किया।

 

 

THE रैंकिंग 2026: मूल्यांकन के 5 मुख्य आधार

 

THE के मुताबिक संस्थानों की रैंकिंग इन पांच स्तंभों पर तय होती है—

 

  1. टीचिंग – स्टूडेंट-टीचर रेशियो, टीचिंग रेप्युटेशन, संस्थान की आय
  2. रिसर्च एनवायरनमेंट – रिसर्च रेप्युटेशन, इनकम और प्रोडक्टिविटी
  3. रिसर्च क्वालिटी – साइटेशन इंपैक्ट, रिसर्च एक्सीलेंस
  4. इंडस्ट्री इनकम – इंडस्ट्री पार्टनरशिप और पेटेंट्स
  5. इंटरनेशनल आउटलुक – विदेशी छात्रों, स्टाफ और इंटरनेशनल को-ऑथरशिप

 

 

निष्कर्ष

 

THE रैंकिंग 2026 में IIT का टॉप 400 से बाहर होना भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन इससे IIT की शैक्षणिक साख कम नहीं होती। यह रैंकिंग आवेदन-आधारित प्रक्रिया पर टिकी है।

हालांकि, यह रिपोर्ट एक बार फिर इस सवाल को जरूर सामने लाती है कि क्या भारतीय संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग में ज्यादा सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए?

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